Vakri Shani: जुलाई में मीन राशि में शनि हो रहे वक्री, जानें इस राशि वालों के जीवन पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
Vakri Shani July 2027: शनि जुलाई में अपनी चाल में बदलाव करने जा रहे हैं। शनि मीन राशि में वक्री होंगे। मीन राशि में शनि के वक्री होने से इस राशि वालों को किस तरह के परिणाम मिलेंगे, जानिए।

Vakri Shani ka Meen Rashi Par Prabhav: न्याय देवता शनि इस समय मीन राशि में रेवती नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। शनि 27 जुलाई 2026 से वक्री चाल शुरू होंगे। शनि की वक्री चाल का अर्थ उलटी चाल से है। शनि मीन राशि में ही वक्री चाल शुरू करेंगे और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे। इस तरह से मीन राशि में शनि करीब 138 दिन वक्री रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की वक्री चाल मेष से लेकर मीन राशि को प्रभावित करेगी। शनि की उलटी चाल से कुछ राशियों को लाभ होगा, जबकि कुछ राशियों को सतर्क रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि शनि की वक्री चाल से मीन राशि वालों को किस तरह के फल प्राप्त होंगे।
मीन राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि मीन राशि के पहले भाव में वक्री हो रहे हैं। जिससे आपके शरीर, मन, रिलेशनशिप और व्यक्तित्व पर प्रभाव पड़ेगा। वक्री शनि के प्रभाव से आप अपने फैसलों को लेकर असमंजस में रह सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। काम का दबाव बढ़ सकता है और अतिरिक्त जिम्मेदारियां उठानी पड़ सकती हैं। आप इस समय ज्यादा भावुक हो सकते हैं।
अगर रिलेशनशिप की बात करें तो वक्री शनि के प्रभाव से मीन राशि वालों की जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। अविवाहित जातकों को रिश्ते में निराशा हाथ लग सकती है। इस समय बहुत जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें और धैर्य से काम लें।
वक्री शनि का मीन राशि के करियर और वित्त पर प्रभाव:
विद्यार्थियों का वक्री शनि की अवधि में पढ़ाई से मन उचट सकता है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों की सीनियर्स के साथ अनबन हो सकती है, इसलिए कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें। वित्त की बात करें तो मीन राशि के खर्चों में वृद्धि हो सकती है और आय स्थिर रह सकती है। इस समय निवेश से बचें और धन से जुड़े मामलों में बहुत सोच-समझकर फैसला लें।
वक्री शनि मीन राशि के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालेंगे। इस समय आप अनिद्रा या मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। योग व ध्यान आपको राहत पहुंचा सकते हैं।
शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के उपाय-
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के लिए शनिवार को शनि मंदिर जाकर शनिदेव के दर्शन करना चाहिए।
2. शनिवार को काली चीजें जैसे काले वस्त्र, लोहे आदि की वस्तुओं का दान करना चाहिए।
3. शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करना लाभकारी माना जाता है।
4. शनिवार को शनि मूल मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जाप करने से शनिदेव के प्रसन्न होने की मान्यता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


