27 जुलाई से 138 दिन के लिए शनि वक्री: चंद्रमा, बुध, मंगल, गुरु, सूर्य और शुक्र की राशियों को क्या फल देंगे?
Vakri Shani Rashifal 2026: शनि हर साल करीब 138 दिनों के लिए उलटी चाल चलते हैं। 27 जुलाई को शनि गुरु की मीन राशि में वक्री होंगे। जानें अन्य ग्रहों की राशियों पर क्या प्रभाव डालेंगे।

Saturn retrograde 2026 in pisces: न्याय देवता शनि को अनुशासन, कर्म, न्याय और आयु का कारक माना जाता है। वर्ष में एक बार शनि करीब 138 दिनों के लिए वक्री होते हैं। 27 जुलाई को शनि मीन राशि में वक्री होंगे और 11 दिसंबर को मार्गी होंगे। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि की वक्री अवस्था व्यक्ति को अपने कर्मों में सुधार और अटके हुए कार्यों को पूर्ण करने का समय होता है। वक्री शनि सभी अलग-अलग ग्रहों की राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेंगे। जानें वक्री शनि चंद्रमा, गुरु, शुक्र, बुध और मंगल की राशियों को क्या फल मिलेगा। जानें एस्ट्रोलॉजर नरेंद्र उपाध्याय से वक्री शनि का मेष से लेकर मीन राशि पर प्रभाव।
मंगल की मेष और वृश्चिक राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
मेष राशि-
वक्री शनि के प्रभाव से मेष राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय सिरदर्द और नेत्रपीड़ा संभव है। आर्थिक परेशानियां हो सकती हैं। परिवार के सदस्यों के बीच गलतफहमी और भ्रम हो सकता है। व्यावसायिक दिक्कतें हो सकती हैं।
वृश्चिक राशि-
वक्री शनि के प्रभाव से वृश्चिक राशि वालों के धन की स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन व्यावसायिक पार्टनरशिप में दिक्कत आ सकती हैं। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी अड़चनों के साथ पूरी होगी। वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ सकती हैं।
शुक्र की वृषभ और तुला राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
वृषभ राशि-
वृषभ राशि के लिए यह समय शुभ-सौभाग्य वाला सिद्ध हो सकता है। अटके हुए कार्य पूरे होंगे। धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। परिवार से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। किसी अच्छी खबर के मिलने के संकेत हैं। किसी अच्छी खबर के मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत से जुड़ी दिक्कतें दूर होंगी।
तुला राशि-
वक्री शनि के प्रभाव से तुला राशि वालों को अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। करियर में संकट आ सकता है। निवेश के लिए समय अच्छा नहीं है। इस समय धन संबंधी मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रेम और संतान का साथ नहीं मिलेगा, जिससे मानसिक तनाव घेर सकता है।
बुध की मिथुन और कन्या राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
मिथुन राशि-
मिथुन राशि वालों की सेहत में उतार-चढ़ाव रहेगा। सीने में विकार या दर्द हो सकता है। धन की स्थिति अच्छी होगी। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। व्यापार में विस्तार या उन्नति मिल सकती है।
कन्या राशि-
कन्या राशि के लिए शनि का प्रभाव सकारात्मक रहने वाला है। इस समय आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। पराक्रम रंग लाएगा। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी के प्रबल योग हैं। परिवार का कोई सदस्य या रिश्तेदार शुभ समाचार दे सकता है। विद्यार्थियों के लिए अनुकूल समय कहा जाएगा।शनिशनि
चंद्रमा की कर्क राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
कर्क राशि-
कर्क राशि वालों के लिए यह समय अच्छा नहीं रहेगा। करियर में दिक्कतें आ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ अनबन के संकेत हैं। धन की स्थिति बिगड़ सकती है। आर्थिक खर्च बढ़ सकते हैं। खर्च की अधिकता कर्ज की स्थिति ला सकती है।
सूर्य की सिंह राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
सिंह राशि-
सिंह राशि वालों को जीवनसाथी के साथ अनबन का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी हो सकती हैं। वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखें, वरना कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। धन से जुड़ी परेशानियां सामने आएंगी।
गुरु की धनु और मीन राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
धनु राशि-
धनु राशि वालों को इस समय व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बैलेंस बनाने की आवश्यकता होगी। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च की अधिकता रहेगी। बेवजह के खर्च आपको परेशान कर सकते हैं। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। मन अशांत रहेगा।
मीन राशि-
मीन राशि वालों के इस समय खर्चों में वृद्धि हो सकती है। खर्च की अधिकता रह सकती है। कंधे से ऊपरी हिस्से में परेशानी हो सकती है, सिरदर्द या नेत्रपीड़ा हो सकती है। व्यापार में उतार-चढ़ाव आएंगे। जीवनसाथी के साथ अनबन दूर करने के अवसर मिल सकते हैं। संतान की सेहत पर नजर रखें।
शनि की मकर और कुंभ राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
मकर राशि-
मकर राशि के स्वामी शनि हैं। मकर राशि वालों को धन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। इस समय आपकी पुरानी परेशानियां लौट सकती हैं। परिवार में उतार-चढ़ाव रहेंगे। इस समय आवेग में आकर कोई फैसला नहीं लें। अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बहुत सोच-समझकर फैसला लें।
कुंभ राशि-
शनि कुंभ राशि के स्वामी हैं। इस समय कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। कुंभ राशि के लिए यह समय शारीरिक और मानसिक तौर पर उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। कार्यों में अड़चनें आ सकती हैं। ऑफिस में उच्चाधिकारियों और सहकर्मी के साथ विवाद से बचें, वरना करियर में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


