वैशाख अमावस्या पर ना करें ये गलतियां, होता है नुकसान, लाभ देगा ये आसान सा उपाय
वैशाख का महीना अपने आप में खास है। इस महीने में पड़ने वाली अमावस्या पर कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए। वहीं इस दिन एक छोटा सा उपाय करके पितरों का आशीर्वाद पाया जा सकता हैय़

हिंदू धर्म में अमावस्या को खूब महत्व दिया जाता है। इस दौरान लोग पूजा पाठ करते हैं। साथ ही इस दिन दान-पुण्य का काम भी खूब किया जाता है। इस समय वैशाख का महीना चल रहा है। इसी हफ्ते वैशाख महीने की अमावस्या पड़ने वाली है। हिंदू धर्म मान्यता के हिसाब से इस दिन किए गए हर एक अच्छे काम का फल दोगुना मिलता है। अमावस्या पर जरूरतमंद लोगों को दान जरूर करना चाहिए। माना जाता है कि इस पवित्र दिन गलतियां नहीं करनी चाहिए। कई बार जाने-अनजाने में कुछ गलतियां ऐसी हो जाती है जिसका परिणाम फिर अच्छा नहीं होता है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि इस दिन क्या काम नहीं करने हैं। आज इसी के बारे में जानेंगे। साथ ही इस दिन किए जाने वाले एक उपाय को भी समझेंगे।
इस दिन है वैशाख अमावस्या
हिंदू पंचांग के हिसाब से वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को है। इस दिन स्नान दान और पितृ तर्पण का काम होगा। वैसे अमावस्या तिथि की शुरुआत कल यानी 16 अप्रैल की रात 8 बजकर 11 मिनट से हो जाएगा। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 17 अप्रैल को शाम 5 बजकर 21 मिनट पर होगा। बात की जाए स्नान दान की तो ये काम अभिजीत मुहूर्त में कर लेना चाहिए। 17 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर होगा।
वैशाख अमावस्या पर ना करें ये गलतियां
वैशाख अमावस्या के दिन कुछ गलतियों को करने से बचें। शास्त्रों के अनुसार अमावस्या वाले दिन फालतू में गुस्सा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा इस दिन भूलकर भी किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि अमावस्या वाले दिन किसी से बहसबाजी ना हो। नियम के अनुसार इस दिन साफ-सफाई जरूर रखनी चाहिए। किसी भी तरह की नेगेटिव सोच से इस दिन दूर ही रहना चाहिए। अगर सामने कोई जरूरतमंद इंसान दिखे तो बिना उसके मदद किए आगे नहीं बढ़ना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि दिन भर शांत ही रहा जाए।
वैशाख अमावस्या पर करें उपाय
वैसे तो वैशाख अमावस्या पर करने के लिए कई उपाय हैं। आज सबसे आसान से उपाय की बात करेंगे। वैशाख अमावस्या पर जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहन लेने चाहिए। इसी के साथ सच्चे मन से भगवान को याद करना चाहिए। इस दिन शाम में पीपल के पेड़े के नीचे सरसों के तेल डालकर दीया जरूर जलाना चाहिए। ऐसा करते हुए पितरों को याद करके उनका आशीर्वाद मांगना शुभ होता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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