Vaishakh Amavasya 2026: जल्दी दूर होगा पितृ दोष, वैशाख अमावस्या पर जरूर करें ये 2 आसान से उपाय

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को है। इस खास दिन पर दान-पुण्य का काम करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। इसी के साथ कुछ खास उपाय की मदद से कई और लाभ मिलते हैं। 

Vaishakh Amavasya 2026: जल्दी दूर होगा पितृ दोष, वैशाख अमावस्या पर जरूर करें ये 2 आसान से उपाय

हिंदू धर्म में अमावस्या का दिन बहुत खास माना जाता है। इस दिन लोग स्नान करके दान-पुण्य करते हैं और अपने पितरों को याद करते हैं। मान्यता है कि अमावस्या पर किए गए छोटे-छोटे धार्मिक काम भी शुभ फल देते हैं। कहा जाता है कि जब पितर प्रसन्न होते हैं तो जीवन में आने वाली रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और मन भी हल्का महसूस होता है। कई बार बिना वजह काम अटकते हैं या मानसिक तनाव बना रहता है, तो इसे पितृ दोष से जोड़कर देखा जाता है।

ऐसी मान्यता है कि अगर पूर्वजों को सही तरह से याद न किया जाए या तर्पण न किया जाए, तो जीवन में अड़चन महसूस हो सकती है। इसलिए वैशाख अमावस्या को पितरों की शांति के लिए अच्छा मौका माना जाता है।

कब है वैशाख अमावस्या?

वैशाख अमावस्या कल यानी 17 अप्रैल को है। ऐसे में कल स्नान दान और पितृ तर्पण का काम होगा। आज रात से अमावस्या की तिथि की शुरुआत हो जाएगी। तिथि की शुरुआत का समय 8:11 बजे है। वैशाख अमावस्या की तिथि कल शाम को 5:21 बजे होगा। उदयातिथि को ध्यान में रखते हुए वैशाख अमावस्या मनाई जाएगी। स्नान दान का काम हमेशा अभिजीत मुहूर्त में ही करवाना चाहिए। पंचांग के हिसाब से कल का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से शुरू होकर दोपहर में 12:32 पर खत्म होगा।

वैशाख अमावस्या पर करें पीपल से जुड़ा ये उपाय

1. शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के दिन पीपल की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का खास महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि पीपल को देववृक्ष माना जाता है क्योंकि इसमें देवों का वास होता है। मान्यया है कि कि इस पेड़ में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। ऐसे में वैशाख अमावस्ता वाले दिन पीपल के जड़ में अर्पण करना शुभ माना जाता है। अमावस्या की सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ की जड़ में दूध, जल, तिल के साथ गुड़ अर्पित करना तािए। मान्यता है कि इन चीजों से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही उस उपाय से जिंदगी में पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलते हैं।

2. इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल वाला दीया जलाना भी काफी शुभ माना जाता है। इस उपाय से पितरों को शांति मिलती है। इसके अलावा इस उपाय से ही जिंदगी में आने वाली रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।

वैशाख अमावस्या पर करें दान-पुण्य वाला उपाय

1. वैशाख अमावस्या वाले दिन दान-पुण्य करना सबसे शुभ माना जाता है। नियम के अनुसार इन दिन कौवे के अलावा गाय और कुत्ते को भोजन करवाना चाहिए। इसके अलावा जरूरतमंदों लोगों को भोजन जरूर करवाना चाहिए। इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

2. इस दिन ब्राह्मणों को भी भोजन करवाना कफी अच्छा माना जाता है। भोजन कराने के अलावा इन्हें जरूरत की चीजें देनी चाहिए जैसे कपड़ा, पानी से भरा घड़ा, छाता, चप्पल, गुड़ और ऐसी चीजें जो गर्मी के मौसम में राहत दे। वैशाख अमावस्या पर अगर ये उपाय कर लिए जाए तो घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

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गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
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