
Tulsi Puja Vidhi: दिवाली पर तुलसी पूजा कैसे करें, क्या है विधि, क्या है महत्व
संक्षेप: दिवाली पर तुलसी जी की विशेष पूजा अर्चना करनाी चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि जो तुलसी जी की कार्तिक मास में पूजा और अर्चना करता है वो दीपदान करता है, वो विष्णु भगवान का प्रिय होता है। आइएजानें दिवाली पर तुलसी की पूजा कैसे करनी चाहिए।
दिवाली पर तुलसी जी की विशेष पूजा अर्चना करनाी चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि जो तुलसी जी की कार्तिक मास में पूजा और अर्चना करता है वो दीपदान करता है, वो विष्णु भगवान का प्रिय होता है। स्कंदपुराण में तुलसी के महत्व को लेकर ये बाते कहीं गई हैं। स्कंदपुराणके अनुसार ब्रह्माजी कहते है कार्तिक मास में जो विष्णुभक्त प्रातःकाल स्नान करके पवित्र हो कोमल तुलसीदल से भगवान् की पूजा करता है, वह निश्चय ही मोक्ष प्राप्त कर लेता है। इसके बिना भगवान भोग ग्रहण नहीं करते। अगर कोई तुलसीके आधे पत्ते से भी रोज भक्तिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा होती है तो भगवान ऐसे व्यक्ति को दर्शन करते हैं। तुलसी पाप का नाश और पुण्य कर्म में वृद्धि करने वाली है। घर में जो तुलसी लगाता है वो पापमुक्त होता है। जिसके घरमें तुलसी का बगीचा होता है, उसका वह घर तीर्थ के समान है, वहां यमराज देखते भी नहीं। तुलसीवन सब पापों को नष्ट करनेवाला, पुण्यमय तथा अभीष्ट कामनाओं को देनेवाला है। आइएजानें दिवाली पर तुलसी की पूजा कैसे करनी चाहिए।

दिवाली के दिन भी तुलसी का पूजन प्रमुख है, क्योंकि तुलसी को लक्ष्मी समान माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि कार्तिक मास में तुलसी की पूजा पुण्य देने वाली है। दिवाली के दिन सबसे पहले स्नान करके तुलसी पर सुहाग की चीजें अर्पित करें। फिर दीपदान करें। दिवाली के दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन के बाद पांच दीप जलाएं जाते हैं, जिसमें से एक दीप तुलसी के नाम का और तुलसी के पास भी जलाया जाता है। कहते हैं इससे भगवान श्रीहरि की कृपा
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