Total solar eclipse:सावन अमावस्या पर कहीं 100 तो कहीं 80 फीसदी दिखेगा सूर्यग्रहण का नजारा

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total solar eclipse 2026: 12 अगस्त के पूर्ण सूर्य ग्रहण का दुनिया के कई देशों में इंतजार किया जा रहा है। इस घटना को देखने के लिए लोग उत्साहित हैं, लेकिन भारत में इस ग्रहण को लेकर कोई सूतक या धार्मिक नियम नहीं हैं

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सावन में पूर्ण सूर्य ग्रहण

दुनियाभर में 12 अगस्त के सूर्यग्रहण का खास इंतजार हो रहा है। यूरोप के लिए तो यह बहुत ही खास रहेगा। 1999 के बाद से ऐसा ग्रहण यहां देखने को नहं मिला है। कुछ ही जगहों जैसे स्पेन, आइसलेंड, ग्रीनलेंड में आप इस ग्रहण को देख सकेंगे। वहीं इंग्लैंड और में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा। आपको बता दें कि अभी तो सिर्फ यह ग्रहण है लेकिन इसके बाद अगले साल 2 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण और भी खास होगा। इस साल के बाद अगले साल भी 2 अगस्त 2027 को ऐसा सूर्य ग्रहण लगने वाला है,जो कई दशकों से नहीं देखा गया है। इसमें चंद्रमा सूर्य को 100 फीसदी कवर कर लेगा और ये नजारा आप 6 मिनट तक देख सकेंगे। ये ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, साउथ एशिया में देखने को मिलेगा। आपको बता दें कि इस ग्रहण के दौरान स्पेन में 76 से 82 फीसदी अंधेरा हो जाएंगा। 12 अगस्त का ग्रहण बहुत खास है क्योंकि इस ग्रहण के लिए लोग काफी समय से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं कहां कितना दिखेगा ग्रहण

यूके में कैसा दिखेगा नजारा

साउथवेस्ट यूके में ग्रहण पूर्ण नहीं दिखेगा,लेकिन ब्रिटेन में लोग आंशिक सूर्यग्रहण का आनंद ले सकेंगे। यहां सूर्य के 90 फीसदी हिस्से को चांद कवर कर लेगा। यहां दिन में अंधेरा नहीं होगा, लेकिन दिन में रोशनी कम जरूर हो जाएगी। वातावरण का तापमान कम होगा और लोगों के लिए यह खास और यादगार पल होगा। आपको बता दें कि इसी महीने के लिए आखिर में एक चंद्रग्रहण भी है। ये भी लोगों के लिए खास विषय बना हुआ है।

स्पेन में कैसा दिखेगा नजारा

स्पेव के लोग तो 100 साल बाद पूर्ण सूर्यग्रहण का इंतजार कर रहे हैं। यहां कई देशों से लोग इसे देखने आ रहे हैं। यहां पूरी तरह से अंधेरा नहीं होगा, क्योंकि शाम में ही ग्रहण हो रहा है, तो लोग सूर्य का साइड हॉरिजन देख पाएंगे।

भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण

भारत में 12 अगस्त का ग्रहण नहीं लग रहा है। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में नहीं है। इस ग्रहण का कोई नियम भारत में नहीं माना जाएगा। ग्रहण को लेकर धार्मिक नियम जैसे सूतक, मंदिर बंद इस दिन नहीं होगा। कुल मिलाकर इस ग्रहण का कोई असर भारत में नहीं होगा। इस सावन मास की अमावस्या के दिन लग रहा है, इसलिए अमावस्या से जुड़े कार्यों पर इस दिन कोई रोक नहीं होगी। अपने समयानुसार इस दिन कार्य किए जा सकते हैं?

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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