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आज विघ्नेश्वर चतुर्थी पर इन शुभ मुहूर्त में करें गणेश पूजा, जानें विधि व पारण कब करें

आज विघ्नेश्वर चतुर्थी पर इन शुभ मुहूर्त में करें गणेश पूजा, जानें विधि व पारण कब करें

संक्षेप:

Today on Vighneshwar Chaturthi 2025: हिन्दू पंचांग और उदया तिथि के मद्देनजर, आज विघ्नेश्वर चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। विधिवत विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि की कोई कमी नहीं रहती है।

Dec 24, 2025 08:32 am ISTShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Vighneshwar Chaturthi 2025: आज है पौष मास के शुक्ल पक्ष की विघ्नेश्वर चतुर्थी। हर महीने में चतुर्थी तिथि पर उपवास कर गणपति बप्पा की वंदना की जाती है। हिन्दू पंचांग और उदया तिथि के मद्देनजर, आज विघ्नेश्वर चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ आदि धर्म-कर्म करने से पूर्व सर्वप्रथम गणेश जी का ही पूजन किया जाता है। यह चतुर्थी व्रत भी गणेश जी को समर्पित है। विधिवत विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि की कोई कमी नहीं रहती है। आइए जानते हैं विघ्नेश्वर चतुर्थी पर पूजा के शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र-

आज विघ्नेश्वर चतुर्थी पर इन शुभ मुहूर्त में करें गणेश पूजा

चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त - 11:19 ए एम से 01:11 पी एम, अवधि - 01 घण्टा 52 मिनट्स

वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - 10:16 ए एम से 09:26 पी एम, अवधि - 11 घण्टे 10 मिनट्स

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - दिसम्बर 23, 2025 को 12:12 पी एम बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त - दिसम्बर 24, 2025 को 01:11 पी एम बजे

विजय मुहूर्त 02:04 पी एम से 02:45 पी एम

गोधूलि मुहूर्त 05:28 पी एम से 05:55 पी एम

सायाह्न सन्ध्या 05:30 पी एम से 06:53 पी एम

अमृत काल 09:23 पी एम से 11:04 पी एम

निशिता मुहूर्त 11:54 पी एम से 12:48 ए एम, दिसम्बर 25

लाभ - उन्नति 07:11 ए एम से 08:29 ए एम

अमृत - सर्वोत्तम 08:29 ए एम से 09:46 ए एम

चर - सामान्य 02:56 पी एम से 04:13 पी एम

लाभ - उन्नति 04:13 पी एम से 05:30 पी एम

शुभ - उत्तम 07:13 पी एम से 08:56 पी एम

अमृत - सर्वोत्तम 08:56 पी एम से 10:38 पी एम

चर - सामान्य 10:38 पी एम से 12:21 ए एम, दिसम्बर 25

पूजा की विधि

  1. प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. संकल्प लेकर भगवान श्रीगणेश का पूजन करें।
  3. भगवान गणेश जी का जलाभिषेक करें
  4. गणेश जी को दूर्वा, शमी पत्र, सिन्दूर, लड्डू, मोदक, तिल एवं गुड़ अर्पित करें।
  5. गणेश जी को 21 दूर्वाओं की आहुति के साथ नमस्कार करते हुये सङ्कट नाशन गणेश स्तोत्र अथवा गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है।
  6. विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें।
  7. पूरी श्रद्धा के साथ गणेश जी की आरती करें
  8. क्षमा प्रार्थना करें

मंत्र- ॐ गं गणपतये नमः

पारण कब करें: मुद्गलपुराण के अनुसार, पञ्चमी तिथि को ब्राह्मण के समक्ष विधिवत् व्रत का पारण करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

Shrishti Chaubey
लाइव हिन्दुस्तान में बतौर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर काम कर रही सृष्टि चौबे को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है। सृष्टि को एस्ट्रोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखने की अच्छी समझ है। इसके अलावा वे एंटरटेनमेंट और हेल्थ बीट पर भी काम कर चुकी हैं। सृष्टि ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, हस्तरेखा, फेंगशुई और वास्तु पर अच्छी जानकारी रखती हैं। खबर लिखने के साथ-साथ इन्हें वीडियो कॉन्टेंट और रिपोर्टिंग में भी काफी रुचि है। सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। अपने कॉलेज के दिनों में इन्होंने डाटा स्टोरी भी लिखी है। साथ ही फैक्ट चेकिंग की अच्छी समझ रखती हैं। और पढ़ें
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