आज लग रहा स्वाति नक्षत्र, क्या इस दिन बारिश के पानी में होता है अमृत, वायरल हो रहे video, क्या है सच्चाई

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स्वाति नक्षत्र के धन प्राप्ति के उपायों को लेकर कई वीडियो वारल हो रहे हैं। क्या है इनकी सच्चाई, इसको लेकर हमने एक्सपर्ट से बात की। आइए जानें क्या निकली इनकी वीडियों की सच्चाई

Swati Nakshtra water
स्वाति नक्षत्र में बारिश का पानी

स्वाति नक्षत्र में बारिश के पानी को स्टोर कर धन प्राप्ति के उपायों को लेकर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। क्या वाकई में स्वाति नक्षत्र के दिन बारिश का पानी अमृत कहा गया है और क्या इस बारिश के पानी को वाकई में खास माना गया है। क्या है इनकी सच्चाई, इसको लेकर हमने एक्सपर्ट से बात की। आइए जानें क्या निकली इनकी वीडियों की सच्चाई

क्या लिखा है शास्त्रो में

ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि भागवत पुराण में जल के महत्व और सीप के मोती बनने का वर्णन किया गया है। हितोपदेश और नीति ग्रंथों में भी इसका महत्व का वर्णन किया गया है। सबसे अच्छा वर्णन कालीदास नीतिकार भरतहरि के श्लोक में भी किया गया है। नीति शतकम में भी इसका वर्णन किया गया है कि जब स्वाति नक्षत्र में जल की बूंदे जब लोहे पर गिरती हैं, तो उसका निशान मिट जाता है, लेकिन जब ये बूंदे कमल पर गिरती हैं तो चमकने लगती हैं तो चमकने लगता है। जब समुद्र के सीप में गिरती है तो यह सच्चा मोची बन जाता है।

क्या इसका कोई वैज्ञानिक आधार है?

इसका कोई वैज्ञानिक तर्क नहीं दिया गया है। मुंडक उपनिषद में अच्छी संगत के तौर पर किया गया है। स्वाति नक्षत्र के समय को बहुत सृजनात्मक कहा गया है और इससे मोती बनने का अर्थ कहा गया है कि इसे मनगढ़त नहीं कहा गया है।

मोती में कैल्शियम की परते चढ़ती जाती है इस बूंद का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं कहा गया है, लेकिन शास्त्रों में इसका वैज्ञानिक आधार कहा गया है। कहा जाता है कि पूरे साल की जिस पानी की पपीहा इंतजार करता है और ये पानी सीप में चला जाए तो ये मोती बन जाता है।

कब से कब तक है स्वाति नक्षत्र

आपको बता दें कि स्वाति नक्षत्र 18 अगस्त को 6.41से शुरू होगा और 19 अगस्त को 6.45 मिनट तक रहेगा। अगर इस दौरान बारिश हो जाती है तो इस पानी को एकत्र कर लें।। इससे पहले 21 जुलाई 2026 की रात 08:51 बजे स्वाति नक्षत्र लगा था। कहा जाता है कि इस दिन बरसने वाली बारिश की एक-एक बूंद बहुत खास होती है। इसका कई शास्त्रों और पुराणों में वर्णन है। इस स्वाति नक्षत्र योग में बारिश के जल का उपयोग करके आप धनवान होंगे, इस बात की गारंटी तो नहीं हैं, लेकिन हमारे एक्सपर्ट ने और शास्त्रों के अनुसार स्वाति नक्षत्र के दिन वर्षा के जल को बहुत खास माना गया है।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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