Hindi Newsधर्म न्यूज़Time for Govardhan Pooja 2025 in morning at 06:26 am Govardhan Pooja Muhurat Date
Govardhan Pooja 2025: आज सुबह 06:26 बजे से शुरू होगा गोवर्धन पूजा का उत्तम मुहूर्त

Govardhan Pooja 2025: आज सुबह 06:26 बजे से शुरू होगा गोवर्धन पूजा का उत्तम मुहूर्त

संक्षेप: Time for Govardhan Pooja 2025: हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर गांववासियों की रक्षा की थी।

Tue, 21 Oct 2025 11:25 PMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Time for Govardhan Pooja 2025: गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा मनयै जाती है। इस साल बुधवार 22 अक्टूबर के दिन गोवर्धन पूजा होगी। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर गांववासियों की रक्षा की थी। इस दिन अन्नकूट बनाकर गोवर्धन की पूजा की जाती है। हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। चावल, गेहूं, बेसन से बनी कढ़ी और पत्ते वाली सब्जियां जैसे अनाज से बने भोजन को भगवान कृष्ण को अर्पित किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं गोवर्धन पूजा के दिन शुभ मुहूर्त व महत्व-

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कल सुबह 06:26 बजे से शुरू होगा गोवर्धन पूजा का उत्तम मुहूर्त

प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - अक्टूबर 21, 2025 को 05:54 पी एम बजे

प्रतिपदा तिथि समाप्त - अक्टूबर 22, 2025 को 08:16 पी एम बजे

गोवर्धन पूजा का सुबह का मुहूर्त - 06:26 ए एम से 08:42 ए एम

अवधि - 02 घण्टे 16 मिनट्स

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गोवर्धन पूजा का शाम का मुहूर्त - 03:29 पी एम से 05:44 पी एम

अवधि - 02 घण्टे 16 मिनट्स

गोवर्धन पूजा का महत्व: राजा इंद्र का अहंकार भी भगवान के समक्ष नहीं चल सका। समय आने पर सभी का घमंड चूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब बृजवासी इंद्र की पूजा करने की तैयारी कर रहे थे, तभी श्रीकृष्ण ने उन्हें रोका और इंद्र की जगह पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की सलाह दी। इसके बाद लोगों ने ऐसा ही किया। इंद्र की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू की। इससे नाराज इंद्र ने वहां मूसलाधार बारिश शुरू कर दी। इससे बृजवासी काफी परेशान हो गए। तब श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर पूरा गोवर्धन पर्वत उठा लिया। इसके बाद सभी बृजवासी उसके नीचे आ गए। इसके बाद इंद्र को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

Shrishti Chaubey
लाइव हिन्दुस्तान में बतौर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर काम कर रही सृष्टि चौबे को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है। सृष्टि को एस्ट्रोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखने की अच्छी समझ है। इसके अलावा वे एंटरटेनमेंट और हेल्थ बीट पर भी काम कर चुकी हैं। सृष्टि ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, हस्तरेखा, फेंगशुई और वास्तु पर अच्छी जानकारी रखती हैं। खबर लिखने के साथ-साथ इन्हें वीडियो कॉन्टेंट और रिपोर्टिंग में भी काफी रुचि है। सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। अपने कॉलेज के दिनों में इन्होंने डाटा स्टोरी भी लिखी है। साथ ही फैक्ट चेकिंग की अच्छी समझ रखती हैं। और पढ़ें
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