गुरुवार के दिन गलती से ना खाएं ये चीजें, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम

Feb 18, 2026 07:16 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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गुरुवार बृहस्पति ग्रह का दिन है, जो ज्ञान, विद्या, धन, संतान सुख और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। भगवान विष्णु के साथ बृहस्पति का संबंध होने से इस दिन विष्णु पूजा और बृहस्पति पूजा दोनों ही फलदायी होती हैं।

गुरुवार के दिन गलती से ना खाएं ये चीजें, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम

हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और उनके गुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन वर्जित होता है, क्योंकि इससे ग्रह दोष बढ़ सकता है और विष्णु जी की कृपा प्राप्ति में बाधा आती है। वहीं, कुछ सरल उपाय और पूजा विधि से इस दिन की कृपा प्राप्त की जा सकती है। आइए जानते हैं गुरुवार के दिन क्या नहीं खाना चाहिए और क्या करना चाहिए।

गुरुवार का विशेष महत्व

गुरुवार बृहस्पति ग्रह का दिन है, जो ज्ञान, विद्या, धन, संतान सुख और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। भगवान विष्णु के साथ बृहस्पति का संबंध होने से इस दिन विष्णु पूजा और बृहस्पति पूजा दोनों ही फलदायी होती हैं। इस दिन नियमों का पालन करने से जीवन में स्थिरता, बुद्धि और समृद्धि बढ़ती है।

भूलकर भी ना खाएं ये 3 चीजें

गुरुवार के दिन कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन निषिद्ध माना गया है। इनका सेवन करने से बृहस्पति दोष बढ़ सकता है और जीवन में बाधाएं आ सकती हैं:

केला - गुरुवार को केला खाने से बृहस्पति की कृपा कम होती है। मान्यता है कि केला गुरु तत्व से जुड़ा फल है और इसे खाने से गुरु की शक्ति प्रभावित होती है।

खिचड़ी - गुरुवार को खिचड़ी का सेवन नहीं करना चाहिए। यह सादगी का प्रतीक है, लेकिन इस दिन इसे खाने से बृहस्पति की ऊर्जा कमजोर पड़ती है।

नॉनवेज - मांसाहार गुरुवार को पूरी तरह वर्जित है। यह दिन सात्विक रहने का है, इसलिए मांस, मछली, अंडा आदि से दूर रहें।

इन चीजों के अलावा तीखा, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन भी कम से कम करना चाहिए।

गुरुवार के दिन क्या खाना चाहिए

सात्विक भोजन करने से गुरु और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है। आज के दिन ये चीजें खाना शुभ माना जाता है:

  • दूध, दही, छाछ, मक्खन और घी से बने व्यंजन
  • हलवा, खीर, चावल की खीर या सूजी का हलवा
  • फल जैसे सेब, अनार, संतरा (केला छोड़कर)
  • मिठाई में गुड़ या शहद का उपयोग करें

गुरुवार की सरल पूजा विधि

  1. सुबह स्नान कर पीले या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
  2. घर के पूजा स्थल पर भगवान विष्णु या बृहस्पति की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
  3. घी का दीपक और धूप जलाएं।
  4. पीले फूल (गेंदा या चमेली), पीला चंदन, रोली और केसर से पूजा करें।
  5. भोग में केसरिया खीर या हलवा अर्पित करें।
  6. अंत में आरती करें और 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें।

गुरुवार के लिए सबसे प्रभावी मंत्र जाप

  • बृहस्पति मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः (108 या 1008 बार जप)
  • विष्णु मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (कम से कम 21 बार)
  • गुरु मंत्र: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः बृहस्पतये नमः (21 या 108 बार)

ये मंत्र जप करने से बृहस्पति बल मजबूत होता है, ज्ञान बढ़ता है और जीवन में स्थिरता आती है।

गुरुवार के उपाय और सावधानियां

  1. पीले रंग का दान करें - हल्दी, चने की दाल, पीला कपड़ा, केसर या सोना।
  2. गरीब ब्राह्मण या गुरु को दक्षिणा दें।
  3. गुरुवार को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं।
  4. नमक का सेवन कम करें और ज्यादा मीठा खाएं।
  5. इस दिन झूठ, क्रोध और नकारात्मक बातों से बचें।

गुरुवार के इन नियमों का पालन करने से बृहस्पति और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है। जीवन में ज्ञान, धन, संतान सुख और स्थिरता बढ़ती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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