Tulsi Puja Niyam: जया एकादशी पर तुलसी पर जरूर चढ़ाएं ये चीज, केले के पेड़ की पूजा करने से मिलेगा ये लाभ

Jan 29, 2026 09:58 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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गुरुवार को केले की पेड़ की पूजा करने के कई लाभ होते हैं। मान्यता है कि इस पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। आज जया एकादशी है और इस दिन तुलसी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है।

Tulsi Puja Niyam: जया एकादशी पर तुलसी पर जरूर चढ़ाएं ये चीज, केले के पेड़ की पूजा करने से मिलेगा ये लाभ

सनातन धर्म में गुरुवार की पूजा को खूब महत्व दिया जाता है। इस पूजा को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु को पूजा जाता है। आज जया एकादशी है और इस दिन तुलसी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि तुलसी में मां लक्ष्मी का वास होता है। साथ ही ये भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती है। ऐसे में आज के दिन तुलसी के पौधे की पूजा करना और भी जरूरी है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु के नाम समर्पित होता है और अगर इस दिन सच्चे मन से केले के पेड़ की भी पूजा की जाए तो जिंदगी में आने वाली बाधाएं खत्म होने लगती हैं। अगर हर गुरुवार ये नियम बना लिया जाए तो विवाह और करियर संबंधी दिक्कतें भी खत्म हो जाती हैं। आज बात करेंगे तुलसी से जुड़े उस उपाय की जो जया एकादशी को ही करना फलदायी माना जाता है। इसकी मदद से आर्थिक स्थिति सही हो जाती है और आने वाले दिनों में पैसों का लाभ होता है।

तुलसी पर आज अर्पित करें ये चीज

शास्त्र के अनुसार तुलसी के पौधे पर जया एकादशी पर कुछ चीजों को अर्पित करने से जिंदगी सही ट्रैक पर चलने लगती है। ज्योतिष शास्त्र के एक नियम के अनुसार अगर आज तुलसी पर हल्दी की 7 गांठे चढ़ा दी जाए तो पैसों से जुड़ी कोई भी समस्या दूर की जा सकती है। अगर कोई व्यक्ति आर्थिक समस्या से जूझ रहा है तो वो आज ये उपाय कर सकता है। इससे ना सिर्फ धन लाभ की प्राप्ति होती है बल्कि सुख-शांति में भी वृद्धि होती है। इस उपाय से धीरे-धीरे जिंदगी में सकारात्मकता बढ़ने लगती है। वहीं बात करें केले के पौधे की तो इसकी पूजा हर गुरुवार की जा सकती है। इससे आपकी शादीशुदा लाइफ में पॉजिटिविटी बनी रहेगी। जिन लोगों की शादी में मुश्किलें आ रही हैं, उन्हें भी इस उपाय से लाभ मिलेगा।

हल्दी की गांठ चढ़ाने का नियम

तुलसी पर हल्दी की गांठ ही चढ़ाई जाती है। कई लोगों के मन में ये बात आ सकती है कि गांठ नहीं है तो पिसी हुई हल्दी ही चढ़ा दें। ऐसा नहीं करिए। कोई फायदा नहीं है। नियम के अनुसार सिर्फ हल्दी की गांठ ही तुलसी को अर्पित करना सही है। सबसे पहले पौधे में जल अर्पित करें। इसके बाद हल्दी की गांठ को मौली से बांधकर तुलसी के तने के पास रख दें। इसे पौधे में कहीं बांधने की कोशिश ना करें। इसके बाद ॐ तुलस्यै नमः मंत्र का 11 बार जाप कर लें। आखिर में अपने मन ही मन सुख-समृद्धि के साथ साथ अच्छे दांपत्य जीवन की कामना करें। अब सवाल ये है कि हल्दी की गांठ को तुलसी के पास कब तक रखा जाए तो आप इसे 7 गुरुवार तक वहीं रहने दें।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

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गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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