Hindi Newsधर्म न्यूज़These things should not be offered during the worship of Goddess Lakshmi she becomes displeased know rules
मां लक्ष्मी की पूजा में नहीं चढ़ानी चाहिए ये चीजें, नाराज हो जाती हैं माता, जानें नियम

मां लक्ष्मी की पूजा में नहीं चढ़ानी चाहिए ये चीजें, नाराज हो जाती हैं माता, जानें नियम

संक्षेप:

मान्यता है कि मां लक्ष्मी की पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से वो प्रसन्न होती हैं। कहते हैं कि यदि गलत तरीके से उनकी पूजा की जाए, तो वो नाराज हो जाती हैं। इससे जातक की सुख और समृद्धि छिन जाती है। इसलिए माता लक्ष्मी को भूलकर कुछ चीजें अर्पित नहीं करनी चाहिए।

Jan 09, 2026 10:44 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। मां लक्ष्मी को धन की देवी भी कहा जाता है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी की पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से वो प्रसन्न होती हैं। ऐसे में शास्त्रों में उनकी पूजा करने की सही विधि का जिक्र किया गया है। कहते हैं कि यदि गलत तरीके से उनकी पूजा की जाए, तो वो नाराज हो जाती हैं। इससे जातक की सुख और समृद्धि छिन जाती है। इसलिए माता लक्ष्मी को भूलकर कुछ चीजें अर्पित नहीं करनी चाहिए। चलिए इन चीजों के बारे में जानते हैं।

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न चढ़ाएं ये फूल
मां लक्ष्मी को आंकड़े का फूल भूलकर भी नहीं चढ़ाने चाहिए। यदि आप यह माता लक्ष्मी को अर्पित करते हैं तो माता लक्ष्मी आपसे नाराज हो जाएं। दरअसल, आंकड़े का फूल भगवान शिव को अति प्रिय है। इसके अलावा इस फूल का रंग सफेद हैं। इसलिए इसको अर्पित नहीं किया जाता है। इसके साथ ही माता को कनेर के फूल या फिर सफेद रंग के फूल जैसे - चंपा, रातरानी और मोगरा आदि के फूल अर्पित करना भी शुभ नहीं माना गया।

प्रिय है ये फूल
माता लक्ष्मी को लाल रंग के फूल प्रिय है जैसे गुलाब, गुड़हल आदि। आप चाहें तो माता लक्ष्मी को ये फूल अर्पित कर सकते हैं। वैसे माता लक्ष्मी को सबसे अति प्रिय कमल का फूल होता है।

तुलसी भी ना चढ़ाएं
मान्यतानुसार, मां लक्ष्मी जी की पूजा करते समय तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से वे नाराज हो सकती हैं। इसके पीछे की वजह पौराणिक है। मान्यता है कि विष्णु जी का शाल‌िग्राम स्वरूप में तुलसी से विवाह हुआ है। इस तरह से तुलसी जी लक्ष्मी जी की सौतन हुईं। ऐसे में, लक्ष्मी जी की पूजा में तुलसी के इस्तेमाल की मनाही है। ऐसा करने से लक्ष्मी मां भक्त से नाराज हो सकती हैं।

वहीं, विष्णु जी को तुलसी बहुत ही पसंद है। आप विष्णु जी की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। देवी भागवत पुराण में ऐसा कहा गया है कि लक्ष्मी मां की पूजा करते समय गणेश जी की भी पूजा करनी चाहिए। पुराण में लक्ष्मी पूजा से पहले गणेश पूजा किए जाने की बात कही गई है।

सफेद वस्त्र भी है वर्जित
मां लक्ष्मी को हमेशा गुलाबी और लाल आदि शुभ रंगों की चीजें अर्पित करनी चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, लेकिन उनकी पूजा में कभी भी सफेद रंग और सफेद वस्त्र नहीं चढ़ाने चाहिए। यह शुभ नहीं माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान
पूजा के समय दीपक और प्रसाद लक्ष्मी जी के दाहिने ओर और पुष्प ठीक सामने रखा जाना चाहिए। इसके अलावा अगरबत्ती, धूप और धुएं वाली सभी चीजों को बायीं ओर रखने के लिए कहा गया है। पूजा की शुरुआत स्नान करने के बाद सुबह में करनी चाहिए। ऐसा करने से ही लक्ष्मी माता की पूजा सही से संपन्न होती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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