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इन आदतों से नाराज हो जाती हैं मां लक्ष्मी, बिल्कुल ना करें ये काम

इन आदतों से नाराज हो जाती हैं मां लक्ष्मी, बिल्कुल ना करें ये काम

संक्षेप:

। मां लक्ष्मी की कृपा का अर्थ है कि आपके जीवन में कभी भी दरिद्रता, अन्न और धन की कमी नहीं रहती है। लेकिन रोजमर्रा की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो हम जाने-अनजाने में करते हैं, यही आदतें घर की तरक्की रोक सकती हैं। क्योंकि कुछ आदतों की वजह से मां लक्ष्मी घर छोड़ देती हैं।

Dec 19, 2025 06:24 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी की बहुत मान्यता है क्योंकि वो धन की देवी मानी जाती हैं। अगर मां लक्ष्मी के स्वरूप की बात की जाए, तो मां लक्ष्मी चार हाथ हैं, जिनमें से दो में कमल है, तीसरा हाथ दान और चौथा हाथ वर मुद्रा में है। मां लक्ष्मी कमल पर आसीन रहती हैं। मां लक्ष्मी की कृपा का अर्थ है कि आपके जीवन में कभी भी दरिद्रता, अन्न और धन की कमी नहीं रहती है। लेकिन रोजमर्रा की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो हम जाने-अनजाने में करते हैं, यही आदतें घर की तरक्की रोक सकती हैं। क्योंकि कुछ आदतों की वजह से मां लक्ष्मी घर छोड़ देती हैं। शास्त्रों और पुराणों में बताया गया है कि किन आदतों के कारण मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है।

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जिस घर में साफ सफाई होती है, वहां मां लक्ष्मी का पास होता है। क्योंकि मां लक्ष्मी को साफ-सफाई बहुत पसंद होती है। अगर घर में रोज सफाई नहीं होती, फर्श पर धूल जमी हो, बाथरूम और किचन गंदे पड़े हों, तो वहां मां लक्ष्मी नहीं रुकतीं। ऐसा घर नकारात्मकता से भर जाता है और धन आने के बाद भी टिकता नहीं है।

ब्रह्मवैवर्त पुराण के मुताबिक, मां लक्ष्मी शुद्धता, भक्ति और सदाचार से प्रसन्न होती हैं। पुराण में बताया गया है कि जहां शंख की ध्वनि नहीं होती है, वहां तुलसी का वास नहीं रहता है और तुलसी में मां लक्ष्मी वास होता है। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा नहीं होती है, वहां मां लक्ष्मी निवास नहीं करती है।

वहीं, वास्तु में झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। ऐसे में झाड़ू को सही तरीके से रखने पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। अगर झाड़ू को दरवाजे पर रखा जाए, उस पर पैर लग जाए या रात को झाड़ू लगाई जाए तो यह अपशकुन माना जाता है।

सुबह सूरज निकलने के बाद तक सोते रहना आलस्य की निशानी है। ऐसी आदतों से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। जल्दी उठकर स्नान करना और घर में सकारात्मक माहौल बनाना जरूरी है। इसके साथ ही, शाम के समय भी सोना घर की ऊर्जा को कम करता है।

जिस घर में हमेशा कलह, बहस और गुस्से का माहौल होता है, वहां मां लक्ष्मी कभी नहीं रुकतीं है। खासकर अगर महिलाएं अपमानित होती हैं या बुजुर्गों का आदर नहीं होता, तो घर की शांति और तरक्की दोनों चली जाती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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