Surya Grahan time: इस सूर्य ग्रहण दिन में 2 मिनट होगा अंधेरा, भारत में ग्रहण है या नहीं, सूतक कहां मान्य?
surya grahan timing in india: भारत में सूर्य ग्रहण का असर कैसा होगा। क्या सूतक काल मान्य होगा। 2 मिनट तक अंधेरा छा जाएगा, इस ग्रहण में क्या -क्या होगा।

12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है। 1999 के बाद से इस सूर्यग्रहण को बहुत खास माना जा रहा है, खासकर यूरोप में इसके बाद से पहला ऐसा चांस पड़ रहा है जब वहां के लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण को देखेंगे। हालांकि सूर्य को देखने के लिए विशेष तरह के सोलर ग्लास पहनकर देखना चाहिए। अमेरिका से लेकर कनाड़ा और ग्रीनलेंज, स्पेन में चंद्रमा सूर्य को कवर कर लेगा। कहीं आंशिक तो कही पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखेगा। करीब 2 मिनट तक अंधेरा छा जाएगा। तापमान कम हो जाएगा और दिन में लगने लगेगा जैसे रात हो गई हो। भारत में इस ग्रहण का क्या असर होगा। इसका सूतक उन देशों में खास तौर पर माना जाएगा, जहां यह ग्रहण दिखाई दे रहा है। वहां सूतक के नियमों को मानना होगा। इस दौरान भगवान का जाप करें और ग्रहण के बाद दान करें।
भारत के समय अनुसार कब लगेगा सूर्य ग्रहण
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल यह ग्रहण भारत के समय के अनुसार रात को 9.04 बजे शुरू होकर देर रात 1.28 बजे समाप्त होगा। भारत में उस समय रात होने के कारण यह सूर्य ग्रहण नजर नहीं आएगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, अतः यहां सूतक काल मान्य नहीं है। मंदिरों के कपाट नहीं होंगे बंद, ग्रहण का कोई असर भारत में नहीं होगा। आमतौर पर सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है और इस दौरान मानसिक जप होता, पूजा पाठ नहीं की जाती है। जिन देशों में जैसे अमेरिका, यूरोप में अगर भारतीय रहते हैं तो उनके लिए सूतक काल माना जाएगा। ग्रहण से पहले के 12 घंटे पहले गिन लें, तब से सूतक लग जाएगा, इस दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसीदल डालकर रख लें, इससे खाने की चीजें खराब नहीं होती हैं। ग्रहण के बाद दान करें। गर्भवती महिलाओं को सूतक काल से घर में रहकर भगवान के नाम का जप करना चाहिए।
राशियों पर सूर्यग्रहण का रहेगा असर
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि ग्रहण का भारत में दृश्यमान न होने पर भी सूर्य देव पर ग्रहण का यह ज्योतिषीय प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। ग्रहण के प्रभाव से बचने, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए भगवान विष्णु या सूर्यदेव के मंत्रों का जप करें। आपको बता दें कि सूर्य ऊर्जा, आत्मा और मान-सम्मान के कारक हैं, किसी भी ग्रहण का असर एक महीने तक राशियों पर रहता है।ज्योतिष की मानें तो यह ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लग रहा है।
कहां दिखेगा ग्रहण
उन्होंने बताया कि यह सूर्य ग्रहण वलयाकार रूप में यूरोपीय देशों कनाडा, रूस का उत्तर पूर्वी क्षेत्र और में दिखाई देगा। तो वहीं खग्रास रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक उत्तरी स्पेन, पुर्तगाल के सुधार उत्तर पूर्वी क्षेत्र में दिखेगा। जबकि खंड ग्रास के रूप में फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोप के अधिकतर देशों में दिखाई देगा। ग्रहण का प्रारंभ 12 अगस्त, रात 9.04 बजे से होगा ग्रहण का मध्यकाल रात 11.16 बजे होगा। ग्रहण की समाप्ति 12 अगस्त देर रात 1.28 बजे होगी।


