Surya Grahan: 12 घंटे पहले ही लग जाएगा सूर्य ग्रहण का सूतक, जानें ग्रहण में क्या न करें
Surya Grahan Time Sutak timing Solar Eclipse 2026 : कुछ जगहों पर सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा, कहीं पर आंशिक रूप से ये घटना दिखाई देगी तो कहीं पर यह नजारा आसमान में नहीं दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण के सूतक में कुछ चीजों को करना शुभ नहीं माना जाता है।

Surya Grahan Time Sutak timing: इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण सावन में बुधवार को लगने जा रहा है। यह ग्रहण 12 अगस्त के दिन लगने जा रहा है। कुछ जगहों पर सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा, कहीं पर आंशिक रूप से ये घटना दिखाई देगी तो कहीं पर यह नजारा आसमान में नहीं दिखाई देगा। जब भी पूर्ण सूर्य ग्रहण लगता है, कुछ समय के लिए चंद्र सूर्य को पूरी तरह ढक देता है। सूर्य ग्रहण लगने के दौरान, पृथ्वी और सूर्य के बीच एक सीध में चंद्रमा आ जाता है, जिससे चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पूरी तरह से रोक लेता है। इससे पृथ्वी का एक हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। सूर्य ग्रहण की घटना को अशुभ माना जाता है। इस दौरान कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण का सूतक काल और इस दौरान क्या करें और क्या नहीं-
12 घंटे पहले ही लग जाएगा सूर्य ग्रहण का सूतक, जानें ग्रहण में क्या न करें
सूतक लगेगा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण लगने के लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है, जो ग्रहण के खत्म होने तक रहता है।
भारत में सूतक कब लगेगा?
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। जिन जगहों पर ग्रहण दिखेगा, वहां पर सूतक 12 घंटे पूर्व लग जाएगा।
कहां-कहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को एक पूर्ण सूर्य ग्रहण उत्तर-पश्चिमी स्पेन के गलिशिया से शुरू होकर पूर्व में बालेयारिक द्वीप समूह तक गुजरेगा। इसके अलावा, यह ग्रीनलैंड और आइसलैंड के पश्चिमी छोर से भी दिखाई देगा। इन देशों में 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाएगा।
सूर्य ग्रहण में किन मंत्रों का जाप करें?
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
- सूर्य ग्रहण लगने पर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- सूतक लगने से पहले क्या करें?
- सूतक काल शुरू होने से पहले भोजन, खाने का समान और पानी में तुलसी की पत्तियां डाल दें।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें?
- सूतक काल में वृद्ध, प्रेग्नेंट और बीमार लोगों को छोड़ कर भोजन आदि करने से बचें।
- गुस्सा करने से बचें।
- ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को फल, सब्जी आदि काटने से बचना चाहिए।
- नुकीली वस्तु के प्रयोग से बचना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ या भगवान को स्पर्श करने से बचें।
- सूर्य ग्रहण के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
सूर्य ग्रहण में क्या करना चाहिए?
पानी, भोजन आदि में तुलसी की पत्तियां डाल दें।
ग्रहण के बाद स्नान आदि निवृत होकर यथा शक्ति दान कर सकते हैं।
ग्रहण काल में भगवान श्री कृष्ण जी के नाम का स्मरण करते रहें।
ग्रहण के पूर्व गर्भवती महिलाओं एवं अन्य जीव-जंतु और वस्तुओं पर गेरू डाल दें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


