Surya Grahan : अगस्त में लगने वाला ग्रहण किन दो कारणों से है खास,सबसे लंबा होगा ग्रहण
solar eclipse 2027: इस साल भी अगस्त में आपको सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा और अगले साल भी आपको सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। सूर्य ग्रहण खगोलीय घटना है, जिसका खगोलशास्त्री बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं।

इस साल भी अगस्त में आपको सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा और अगले साल भी आपको सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। सूर्य ग्रहण खगोलीय घटना है, जिसका खगोलशास्त्री बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। आपको बता दें कि इस साल का या अगले साल का सूर्य ग्रहण कौन सा ग्रहण खास होगा। साल 2027 के 2 अगस्त में होने वाले ग्रहण को इसलिए खास बता रहे हैं क्योंकि इस ग्रहण में दिन में अंधेरा छा जाएगा, जो कुछ देर के लिए नहीं होगा, बल्कि ये अंधेरा काफी देर तक रहेगा, जो इसे सदी का सबसे लंबा ग्रहण बना रहा है। ज्योतिष कारणों से क्यों है खास यह जानना भी जरूरी है। ज्योतिष के नजरिए से देखा जाए तो 2 अगस्त 2027 को सावन मास की अमावस्या है। इस दिन सोमवार है तो सोमवती अमावस्या भी है, जो स्नान और दान के लिए खास मानी जाती है। इस दिन ग्रहण है तो स्नान और दान और भी खास हो जाएगा, लेकिन ग्रहण के बाद, सुबह ग्रहण होने के कारण इस दिन सूतक लग जाएगा और स्नान और दान नहीं किया जाएगा। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है, जो दोपहर 3:53 बजे शुरू होकर 5:37 बजे तक रहेगा। इसके बाद स्नान और दान कर सभी लोग ग्रहण का भार उतारेंगे।
साल 2027 का ग्रहण क्यों है खास
अब तक के ग्रहण की समय सीमा जानें तो आपको बता दें कि इस साल अगस्त 2027 को पड़ने वाले ग्रहण पर 6 मिनट के लिए अंधेरा छा दाएगा। इस दिन चंद्रमा सीधे सूर्य के सामने हो जाएगा, इससे सूर्य की रोशनी फेड हो जाएगी। इससे पहले जो सूर्य ग्रहण पड़े हैं, उसमें 6 मिनट से कम तक ही अंधेरा हुआ है, लेकिन इतने लंबे समय के लिए अंधेरा अभी हो रहा है। साल 2009 की 22 जुलाई को बिहार में सबसे लंबा सूर्यग्रहण सबसे साफ और सबसे ज्यादा समय तक तारेगना से दिखाई दिया था।
कहां दिखेगा ग्रहण
नेशनल सोलर ओब्सर्ववेटरी के अनुसार यह ग्रहण स्पेन, मोरक्को, एलजीरिया , लिबिया, ट्यूनेशिया, इजिप्ट, सउदी अरेबिया और यमन और सोमालिया में यह ग्रहण दिखेगा।
इस साल कब लगेगा ग्रहण
इस साल भी अगस्त में सूर्य ग्रहण लगेगा। साल 2026 में 12 अगस्त को दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा। इससे पहले फरवरी में सूर्य ग्रहण लग चुका है। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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