आज साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें समय, सूतक लगेगा या नहीं, ‘रिंग ऑफ फायर’ कहां दिखेगा

Feb 17, 2026 09:07 am ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

17 फरवरी 2026 यानी आज साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण है, जिसे आम भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। सुबह से ही लोगों के मन में यही सवाल घूम रहा है कि क्या आज सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा, क्या सूतक लगेगा और क्या मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे।

आज साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें समय, सूतक लगेगा या नहीं, ‘रिंग ऑफ फायर’ कहां दिखेगा

Surya Grahan 2026: 17 फरवरी 2026 यानी आज साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण है, जिसे आम भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। सुबह से ही लोगों के मन में यही सवाल घूम रहा है कि क्या आज सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा, क्या सूतक लगेगा और क्या मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। बुजुर्ग जहां सूतक को लेकर चर्चा कर रहे हैं, वहीं युवा सोशल मीडिया और यूट्यूब पर ‘रिंग ऑफ फायर’ की लाइव स्ट्रीम तलाश रहे हैं। ऐसे में जान लेते हैं इस सूर्य ग्रहण से जुड़ी हर जरूरी बात- समय, दृश्यता, धार्मिक मान्यताएं और क्या करें-क्या न करें।

भारत में दिखेगा या नहीं? सूतक लगेगा?- आज लग रहा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ज्योतिषीय परंपराओं के मुताबिक, जिस जगह ग्रहण नजर नहीं आता, वहां सूतक काल मान्य नहीं माना जाता। यानी भारत में सूतक नहीं लगेगा। मंदिरों में पूजा-पाठ सामान्य रूप से होता रहेगा और घरों में भी रोजमर्रा की पूजा पर कोई रोक नहीं होगी। पंडितों के मुताबिक, सूतक का नियम तभी लागू होता है जब ग्रहण स्थानीय रूप से दिखाई दे।

सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समय अनुसार)- आज सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का सबसे अहम पल यानी चरम स्थिति करीब शाम 5 बजकर 42 मिनट पर होगी। इसी समय चंद्रमा सूर्य के बीच आकर उसे पूरी तरह ढक नहीं पाएगा और सूर्य के चारों ओर आग की अंगूठी जैसी चमक दिखाई देगी, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है।

कहां दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’?- भारत में यह नजारा नहीं दिखेगा, लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग इस दुर्लभ दृश्य को देख पाएंगे। मुख्य रूप से यह वलयाकार सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका और दक्षिणी महासागर के इलाकों में नजर आएगा। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों में भी ‘रिंग ऑफ फायर’ देखा जा सकेगा। इन देशों में खगोल प्रेमी और वैज्ञानिक विशेष उपकरणों से इस खगोलीय घटना को देखने की तैयारी में हैं।

क्या करें?

चूंकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं दे रहा, इसलिए रोजमर्रा का काम, ऑफिस, बिजनेस और पूजा-पाठ सामान्य रूप से कर सकते हैं। ग्रहण के समय चाहें तो मंत्र जाप, ध्यान या कुछ देर शांति से बैठकर आत्मचिंतन कर सकते हैं। गर्भवती महिलाएं भी बेकार की चिंता न करें, सामान्य सावधानियां ही काफी हैं। अगर आप ऑनलाइन ‘रिंग ऑफ फायर’ देखना चाहते हैं, तो विश्वसनीय वैज्ञानिक चैनल या वेधशालाओं की लाइव स्ट्रीम देखें।

क्या न करें?- बिना सुरक्षा के सीधे सूर्य को देखने की कोशिश न करें। जहां ग्रहण दिख रहा है, वहां विशेष चश्मे जरूरी होते हैं। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भरोसा न करें। भारत में ग्रहण न दिखने के कारण खाना न बनाना, पानी न पीना जैसी बातें मान्य नहीं हैं। सिर्फ ग्रहण के डर से जरूरी फैसले टालना सही नहीं है। सोच-समझकर फैसला लें, डरकर नहीं। ज्योतिषीय प्रभाव हर व्यक्ति की कुंडली पर अलग-अलग होता है, इसलिए बेवजह घबराने की जरूरत नहीं है।

लाइव ऐसे देखें- ‘रिंग ऑफ फायर’ वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन आप इसे ऑनलाइन लाइव देख सकते हैं। इसके लिए यूट्यूब पर “Surya Grahan 2026 Live” या “Solar Eclipse 2026 Live” सर्च करें- NASA, European Space Agency (ESA) और Virtual Telescope Project जैसे भरोसेमंद चैनल आमतौर पर लाइव स्ट्रीम करते हैं। इसके अलावा Space.com और TimeandDate.com जैसी वेबसाइटों पर भी लाइव कवरेज के लिंक मिल जाते हैं।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!