Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण फरवरी में, लेकिन अगस्त 2027 में लगने वाले सूर्यग्रहण का क्यों इंतजार कर रहे हैं लोग
Solar Eclipse: इस साल फरवरी में साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस दो सूर्य ग्रहण हैं। लेकिन दुनियाभर के तमाम खगोलविदों को साल 2027 में लगने वाले सूर्य ग्रहण का बेसब्री से इंतजार है।

Solar Eclipse: इस साल फरवरी में साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस दो सूर्य ग्रहण हैं। लेकिन दुनियाभर के तमाम खगोलविदों को साल 2027 में लगने वाले सूर्य ग्रहण का बेसब्री से इंतजार है। सबसे पहले आपको इस साल फरवरी में लगने वाले सूर्य ग्रहण और मार्च में होली के दिन लगने वाले चंद्र ग्रहण के बारे में बता दें। दरअसल इस साल 17 फरवरी को सूर्यग्रहण लगेगा। ज्योतिष दृष्टि से यह ग्रहण खास होगा, क्योंकि यह ग्रहण शनि की राशि कुंभ में लग रहा है। जब ग्रहण लग रहा होगा, तो सूर्य उस समय कुंभ राशि में होंगे। इसलिए ज्योतिषिय दृष्टि से इस सूर्य ग्रहण को खास माना जा रहा है। कई राशियों पर इस ग्रहण का अच्छा खासा असर होगा।
कब लगेगा फरवरी का ग्रहण और क्या सूतक काल मान्य होंगे
17 फरवरी को सूर्य ग्रहण शाम 05 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम 07 बजकर 57 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जब चंद्रमा सूर्य के सामने आकर केंद्र को ढकता है और किनारों पर रिंग-ऑफ-फायर जैसा नजारा बनता है। 17 फरवरी को ग्रहण के दौरान लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक लोग रिंग ऑफ फायर को देख सकेंगे। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल नहीं माना जाएगा।
2027 में लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक लगेगा या नहीं
वर्ष 2027 में बेहद खास पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। भारत में आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। इस दौरान दिन में ही रात हो जाएगी। सूर्य ग्रहण के दौरान 6 मिनट और 23 सेकेंड तक पूरा अंधेरा रहेगा। सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण 2 अगस्त, 2027 को सोमवार के दिन लगेगा। आपको बता दें कि पिछले 100 सालों में इससे लंबा सूर्य ग्रहण नहीं लगा है। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, लेकिन बहुत अधिक देर तक अंधेरा नहीं होगा। इस ग्रहणका सूतक काल भारत में मान्य होगा। मंदिरों के कपाट पहले ग्रहण शुरू होने से पहले ही बंद कर दिए जाएंगे। यह ग्रहणउत्तरी अटलांटिक महासागर के ऊपर, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका, दक्षिणी मोरक्को, दक्षिणी स्पेन और जिब्राल्टर, अल्जीरिया, लीबिया और मिस्र सूडान में यह देखा जा सकता है।
कब लगेगा इस सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण कब लगेगा
साल 2027 में इस साल का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस सूर्य ग्रहण का लाखों लोगों को बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि इसमें बहुत देर के लिए के लिए चंद्रमा सूर्य को कवर कर लेगा। ऐसा कहा जा रहा है कि यह सूर्य ग्रहण में अब तक सबसे अधिक देर के लिए अंधेरा हो जाएगा, इसलिए इस ग्रहण को सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है। 2 अगस्त 2027 में लगने वाले इस सूर्य ग्रहण के दिन 6 मिनट और 23 सेकेंड तक पूरा ग्रहण नजर आएगा। भारत में भारत में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा। जब पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य के कोरोना को चंद्रमा ढक लेगा, तो दिन में रात जैसा मौसम हो जाएगा। दुनिया भर के खगोलविदों के लिए इस ग्रहण का इंतजार किया जा रहा है, जब वो अंतरिक्ष के रहस्यों को समझेंगे।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां


