सूर्य ग्रहण के बाद इस तरह से करें घर की शुद्धि, खत्म होगा नकारात्मक प्रभाव!

Feb 08, 2026 07:35 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद आपको पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। क्योंकि गंगाजल को पूजनीय और पवित्र माना जाता है। इसके अलावा अगर आप गंगाजल में कपूर मिलाकर छिड़काव करते हैं, तो खास प्रभाव पड़ता है।

सूर्य ग्रहण के बाद इस तरह से करें घर की शुद्धि, खत्म होगा नकारात्मक प्रभाव!

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। लेकिन ज्योतिष और आध्यात्म में इसका खास महत्व होता है। ज्योतिष के मुताबिक ग्रहण शुभ नहीं माना जाता है। शास्‍त्रों की मानें, तो सूर्य ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई और शुद्धि को अनिवार्य होता है। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान सूर्य से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका अशुभ प्रभाव घर पर पड़ता है। इसलिए घर का शुद्धि करण करना जरूरी है। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लग रहा है। हालांकि इसका सूतक काल 12 घंटे पहले से प्रारंभ हो जाएगा।

मान्यता है कि सूतक लगने के बाद पूजा पाठ और अन्‍य धार्मिक कार्य बंद कर दिए जाते हैं। वैसे 17 फरवरी को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका कोई प्रभाव भारत पर नहीं पड़ेगा। लेकिन मान्यता है कि जहां भी ग्रहण दिखाई देता है, वहां के लोग घर की शुद्धि कर सकते हैं।

ग्रहण के खत्म होने के बाद घर को ऐसे करें शुद्ध

गंगाजल का छिड़काव
सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद आपको पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। क्योंकि गंगाजल को पूजनीय और पवित्र माना जाता है। इसके अलावा अगर आप गंगाजल में कपूर मिलाकर छिड़काव करते हैं, तो खास प्रभाव पड़ता है। इस उपाय से घर का वास्तु दोष भी खत्म होता है और साथ ही ग्रहण के दुष्‍प्रभाव भी दूर होते हैं।

ऐसे लगाएं पोंछा
सूर्य ग्रहण के बाद आप पानी में नींबू और समुद्री नमक डालकर पूरे घर में पोछा लगाएं। इससे भी नकारात्मक शक्तियां खत्म होत है। पोंछा लगवाने के बाद घर के वातावरण को सुगंधित और शांत बनाने के लिए अलग-अलग स्‍थानों पर सुगंधित अगरबत्तियां लगवा सकते हैं।

मूर्तियों को कराएं स्नान
सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद भगवान की मूर्तियों को गंगाजल या पवित्र जल से धोएं या स्नान कराएं। मंदिर के कपड़े बदलें और पूरे पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती अवश्य करें।

दीपक जलाएं
इसके अलावा सूर्य ग्रहण के बाद शाम के समय चमेली के तेल का दीपक घर में जलाएं और इसके अलावा पूरे घर में गुग्‍गल का धुंआ पूरे घर में करना चाहिए। इससे ग्रहण के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।

अन्य उपाय
ग्रहण के बाद घर की शुद्धि के साथ कुछ चीजों का दान करना बेहद शुभ होता है। आप अपनी क्षमता के मुताबिक अनाज, काले तिल या कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है, जो ग्रहण के दोषों को कम करने में मदद करता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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