Surya Grahan 2026: फरवरी में लगने वाला है 2026 का पहला सूर्य ग्रहण, इस दौरान भूलकर भी ना करें ये काम

Feb 07, 2026 05:32 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Solar Eclipse 2026 Details: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फरवरी के महीने में लगने वाला है। जानें इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को…

Surya Grahan 2026: फरवरी में लगने वाला है 2026 का पहला सूर्य ग्रहण, इस दौरान भूलकर भी ना करें ये काम

हिंदू धर्म में सूर्य को साक्षात देवता के रूप में पूजा जाता है। यही वजह है कि लोग प्रतिदिन स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देते हैं। हालांकि सूर्य ग्रहण के समय कुछ नियम बदल जाते हैं। बता दें कि सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि धार्मिक महत्व भी माना जाता है। जहां एक ओर खगोल विज्ञान में इंटरेस्ट लेने वाले लोग इस दौरान शोध और अध्ययन में जुट जाते हैं, वहीं धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले लोग इससे जुड़े नियमों का पालन करने लगते हैं। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण इसी महीने यानी फरवरी में लगने वाला है। इस दौरान कुछ चीजों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण से कुछ घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसमें पूजा-पाठ और किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। नीचे जानें इस साल के पहले सूर्य ग्रहण से जुड़ी जानकारी और साथ ही साथ ही जानें कि सूर्य ग्रहण के दौरान क्या चीजें नहीं की जाती हैं?

2026 का पहला सूर्य ग्रहण

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी यानी मंगलवार के दिन लगने वाला है। वलयाकार सूर्य ग्रहण होने की वजह से इस बार सूर्य का पूरा हिस्सा नहीं ढंकेगा। ऐसे में इसके चारों हमें एक छल्ला नजर आएगा। बता दें कि भारत में ये सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा। ये सूर्य ग्रहण अफ्रीका और अमेरिका के कुछ हिस्सों के अलावा अंटार्कटिका में नजर आएगा। भारत के समय के हिसाब से ये सूर्य ग्रहण 5 बजकर 31 मिनट से लेकर 7 बजकर 57 मिनट तक लगेगा। अब भारत में ये सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा तो सूतल काल को नहीं माना जाएगा। ऐसे में पूजा-पाठ से लेकर किसी भी मांगलिक काम रोके नहीं जाएंगे।

सूर्य ग्रहण पर क्या नहीं करना है?

सबसे पहले तो सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखा जाता है। ये हमारी दृष्टि के लिए अच्छा नहीं होता है। सूर्य ग्रहण के दौरान खाना बनाना और खाना वर्जित माना जाता है। वहीं इस दौरान पूजा-पाठ करने की मनाही होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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