Surya Grahan sutak time: कल साल का पहला सूर्य ग्रहण, अग्नि पंचक और सूर्यग्रहण सूतक का क्या रहेगा प्रभाव
Surya grahan kab lagega: इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इस दिन फाल्गुन अमावस्या है। आइए जानते हैं कि इस दिन अग्नि पंचक और सूतक का क्या प्रभाव रहेगा।

Surya grahan kab lagega: इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इस दिन फाल्गुन अमावस्या है। आइए जानते हैं कि इस दिन अग्नि पंचक और सूतक का क्या प्रभाव रहेगा।आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इस दिन पंचक भी लग रहे हैं, और लोगों को सूतक काल को लेकर भी कंफ्यूजन हैं। अगर आपको लग रहा है। कि पंचक का इस पर प्रभाव पड़ता है, तो आप यहां से पढ़ सकते हैं।
सूर्य ग्रहण कब लगेगा और पंचक कब से शुरू होंगे
17 फरवरी को सूर्य ग्रहण दोपहर में लगेगा और शाम में इसका पीक होगा। इससे पहले सुबह से सूर्य ग्रहण दिन वाले पंचक लग रहे हैं। पंचक अलग-अलग दिन के हिसाब से तय होते हैं। ये पंचक मंगलवार से शुरू हो रहे हैं, तो पंचक अग्नि पंचक कहलाते हैं। इन पंचकों में आग लगने आदि की दुर्घटना का भय रहता है। पंचक में शुभ कार्य जैसे, खाट बुनना और घर की चौखट डालना, ग्रह प्रवेश, नामकरण आदि शुभ कार्य नहीं किए जा सकते हैं। दरअसल पंचक में मुख्य तौर पर दाह संस्कार नहीं किया जाता है, अगर करते हैं, तो पांच पुतले भी जलाए जाते हैं। ये पंचक को लेकर मान्यता है।ज्योतिष के अनुसार जब ग्रह इस प्रकार होते हैं, तो पंचक लगता है। चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से होकर गुजरता है तो पंचक लगता है। पंचक का सूर्य ग्रहण और अमावस्या काम पर कोई असर नहीं होगा। बस इस दिन शुभ कार्य को करने से बचें। पंचक की अवधि 17 फरवरी की सुबह लगभग 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी और 21 फरवरी, शनिवार को समाप्त होगी।
कब लगेगा ग्रहण और इस सूतक काल को लेकर जानें
भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर में लगभग 3.26 बजे शुरू होगा। ग्रहण शाम को लगभग 7.57 बजे होगा। भारत में यह ग्रहण तो नहीं दिखेगा, इसलिए यहां इसका कोई सूतक काल नहीं रहेगा, ल लेकिन जिस भी देश में दिखेगा, वहां इसका सूतक काल माना जाएगा। इसका सूतक 12 घंटे पहले लग जाएगा, तो 3 बजे से पहले 12 घंटे पहले गिनकर उस समय धार्मिक कार्यों में रोक लग जाती है। सूर्य ग्रहण के समय विवाह, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं। ग्रहण के बाद दान कियाजाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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