Surya gochar February: सूर्य कुंभ राशि में, राहु-सूर्य की युति भी, किसका चमकेगा भाग्य, कुंभ संक्रांति में क्या करें
surya gochar kumbh rashi: सूर्य का गोचर शनि की कुंभ राशि में होने जा रहा है। सूर्य अभी भी शनि की मकर राशि में हैं और आगे भी शनि की कुंभ राशि में जा रहे हैं। शनि की कुंभ राशि में जाने के अलावा सूर्य यहां राहु से भी मिलेंगे।
सूर्य का गोचर शनि की कुंभ राशि में होने जा रहा है। सूर्य अभी भी शनि की मकर राशि में हैं और आगे भी शनि की कुंभ राशि में जा रहे हैं। शनि की कुंभ राशि में जाने के अलावा सूर्य यहां राहु से भी मिलेंगे। क्योंकि राहु कुंभ राशि में विराजमान हैं, इसके अलावा कुंभ वालों पर शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है। ऐसे में 13 फरवरी को सूर्य कुंभ संक्रांति करेंगे। सूर्य की हर संक्रांति खास मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि सूर्य की संक्रांति बहुत खास होती है। सूर्य हर राशि में एक महीने रहते हैं और साल में हर राशि में विचरण करते हैं। सूर्य की संक्रांति दान पुण्य के हिसाब से भी खास मानी जाती है।
सूर्य का गोचर मेष और वृषभ राशि के लिए कैसा रहेगा?
मेष राशि के लिए भी लाभ के योग हैं, लेकिन मेष राशि वालों को सतर्क रहना होगा। वृषभ राशि के लोगों के लिए समय बलवान रहेगा। भाग्यवश आपके काम बनेंगे, आपको लाभ होगा, बिजनेस में और नौकरी में आपकी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती हैं। आपको समाज में किसी काम के अवार्ड भी दिया जा सकता है। इसलिए आपको इस संक्रांति से लाभ मिलेगा।
सूर्य का गोचर मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा?
इससे मिथुन राशि वालों के लिए लाभ के योग बनेंगे। आपका भाग्य साथ देगा। आपके लिए एक से बढ़कर एक योग बनेंगे। आपको बिजनेस में अच्छा लाभ होगा। आत्मविश्वास के कारण नौकरी की परेशानियां भी कम होंगी।
सूर्य का गोचर धनु राशि के लिए कैसा रहेगा?
सूर्य का गोचर धनु राशि वालों के लिए अच्छे योग लाएगा। आपके लिए अच्छा समय होगा, आपको जो काम पहले से नहीं चल रहे हैं, वो इस समय चलेंगे। आपको पहले का निवेश अच्छे रिटर्न देगा। ऑफिस से लेकर लवलाइफ में आपको लाभ होने के योग हैं?
कुंभ संक्रांति पर क्या करें
सूर्य जिस दिन राशि बदलते हैं, उसे संक्रांति कहते हैं, इनमें मकर संक्रांति बहुत खास होती है, लेकिन सूर्य की हर संक्रांति पर दान और पुण्य करना शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस जो भी दान किया जाता है, उसका कई गुना फल मिलता है। इसके अलावा इस दिन पितरों के लिए भी दान और पुण्य किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गुड़ और तिल का दान करना चाहिए, इससे सूर्य आपकी राशि में भी मजबूत होते हैं। सूर्य को इस दिन गुड़ डालकर जल चढ़ाना चाहिए। इससे लाभ होता है। इसके अलावा इस दिन तांबे के बर्तन का दान करना चाहिए। वैसे को सूर्य को मजबूत करने के लिए तांबे का बर्तन हर रविवार को दान करना आपकी कुंडली में सूर्य को मजबूत करता है। इसके अलावा लाल कपड़े का दान करना चाहिए और गेहूं का दान भी उत्तम माना गया है। इस प्रकार सूर्य संक्रांति पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण और दान करने के लिए बहुत अच्छा मौका है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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