
सूर्य की धनु संक्रांति 16 को, नए साल में जनवरी में शादी के मुहूर्त नहीं, 2026 में 59 विवाह मुहूर्त
Surya gochar dhanu rashi: 2025 में शादी का आखिरी मुहूर्त दिसंबर में है, इसके बाद अगले साल ही विवाह योग्य तिथियां मिलेंगी। खरमास 16 दिसंबर से शुरू होगा, इस दिन सूर्य धनु राशि में जाएंगे, इसे धनु संक्रांति कहते हैं।
2025 में शादी का आखिरी मुहूर्त 6 दिसंबर को है, इसके बाद अगले साल ही विवाह योग्य तिथियाँ मिलेंगी। खरमास 16 दिसंबर से शुरू होगा, जिससे जनवरी में कोई शुभ कार्य नहीं होंगे। 2026 का पहला शादी मुहूर्त 5 फरवरी को रहेगा। सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में जाएंगे, इसे धनु संक्रांति कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन का सूर्य का परिवर्तन बहुत खास होता है। इसके बाद सूर्य मकर राशि में नए साल में गोचर करेंगे। यदि गुरु या शुक्र में से कोई एक भी अस्त रहता है तो विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
कब है 2026 में विवाह मुहूर्त
14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही खरमास समाप्त होगा, लेकिन सूर्य अस्त रहने के कारण जनवरी में विवाह नहीं हो पाएंगे। वर्ष 2026 की शुरुआत शुभ कार्यों की दृष्टि से धीमी रहेगी, क्योंकि जनवरी में एक ओर खरमास रहेगा और दूसरी ओर शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे। वर्ष 2026 का पहला शादी विवाह का मुहूर्त 5 फरवरी को रहेगा। जनवरी में विवाह के लिए कोई शुभ तिथि नहीं मिलेगी। पुरोहित संतोष त्रिपाठी ने बताया कि विवाह के लिए गुरु और शुक्र दोनों का उदय होना अनिवार्य है।
2026 में विवाह मुहूर्त डेट्स
फरवरी से शादी-विवाह के कार्यक्रम फिर शुरू हो जाएंगे। पंचांग के अनुसार, 2026 में कुल 59 शुभ विवाह मुहूर्त रहेंगे। हालांकि, बीच-बीच में खरमास, शुक्र अस्त, होलाष्टक और चातुर्मास जैसे कारणों से कुछ अवधि विवाह योग्य नहीं होगी। 2026 के विवाह मुहूर्त फरवरी: 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 मार्च: 1, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12 अप्रैल: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 मई: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 जून: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 जुलाई: 1, 6, 7, 11 नवंबर: 21, 24, 25, 26 दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 नए साल में अगर विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं, तो कुल 59 शुभ विवाह मुहूर्त 2026 में होंगे। इस वर्ष 2025 में आखिरी शादी का मुहूर्त 6 दिसंबर को रहेगा, जिसके बाद अब विवाह योग्य तिथियां अगले साल ही मिलेंगी। 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होगी और इसके चलते एक माह तक कोई शुभ कार्य नहीं होंगे।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





