भारत में कब दिखेगा अगला सूर्य और चंद्र ग्रहण? जानें तारीख, समय और विजिबिलिटी
भारत में अगला दिखाई देने वाला चंद्र ग्रहण 20 फरवरी 2027 को उपच्छाया चंद्र ग्रहण के रूप में होगा, जबकि अगला आंशिक सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा। इसके बाद 6 जुलाई 2028 को भारत में आंशिक चंद्र ग्रहण भी देखा जा सकेगा।

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण ऐसी खगोलीय घटनाएं हैं, जिनका इंतजार दुनियाभर के लोग करते हैं। भारत में भी बड़ी संख्या में लोग ग्रहण देखना चाहते हैं। हालांकि, हर ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देता। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, भारत में अगला दिखाई देने वाला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होगा। वहीं, भारत में अगला दिखाई देने वाला चंद्र ग्रहण 20 फरवरी 2027 को होगा, लेकिन यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण रहेगा। इसके बाद 6 जुलाई 2028 को आंशिक चंद्र ग्रहण भी भारत में देखा जा सकेगा।
भारत में अगला सूर्य ग्रहण कब दिखेगा?
भारत में अगला दिखाई देने वाला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होगा। यह आंशिक (Partial) सूर्य ग्रहण होगा। आंशिक सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता है, इसलिए सूर्य पूरी तरह गायब नहीं होता। यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। अलग-अलग शहरों में ग्रहण का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए स्थानीय समय की जानकारी ग्रहण से पहले जरूर देख लें।
भारत में अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?
भारत में सबसे पहले 20 फरवरी 2027 को उपच्छाया चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इस तरह के ग्रहण में चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया से गुजरता है। इसकी वजह से चंद्रमा की चमक थोड़ी कम दिखाई देती है, लेकिन सामान्य लोगों के लिए इसे पहचानना आसान नहीं होता। कई बार बिना जानकारी के लोग यह समझ भी नहीं पाते कि ग्रहण लग चुका है।
6 जुलाई 2028 को दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण
अगर आप चंद्र ग्रहण को साफ तौर पर देखना चाहते हैं, तो 6 जुलाई 2028 का इंतजार करना होगा। इस दिन भारत में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इसमें चंद्रमा का एक हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाता है, इसलिए इसका असर आसानी से देखा जा सकता है। यह उपच्छाया ग्रहण की तुलना में ज्यादा स्पष्ट होता है।
ग्रहण देखने के दौरान क्या रखें ध्यान?
सूर्य ग्रहण को कभी भी बिना सुरक्षित सोलर फिल्टर या ग्रहण वाले विशेष चश्मे के नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। इसके लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होती।
खगोल विज्ञान के जानकारों का कहना है कि ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। इसे सुरक्षित तरीके से देखा जा सकता है। अगर आप आने वाले ग्रहण को देखना चाहते हैं, तो पहले से उसकी तारीख, समय और अपने शहर में उसकी विजिबिलिटी की जानकारी जरूर कर लें। इससे आप इस दुर्लभ खगोलीय घटना का बेहतर अनुभव ले सकेंगे।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
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