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25 नवंबर, 2020|8:19|IST

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एक जिंदा इंसान कभी भी कर सकता है अपना सफर शुरू, संजय मिश्रा की जिंदगी की वो चुनौतियां जिनसे लड़कर वो बने स्टार

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‘एक जिंदा इंसान कभी भी अपना सफर शुरू कर सकता है’। वो बेशक बॉलीवुड के टॉप सितारों में नहीं हैं, लेकिन काबिल सितारों में उनका नाम सबसे पहले आता है। संजय मिश्रा, एक ऐसे सितारे जिन्होंने कॅरियर की शुरूआत कई छोटे-मोटे रोल से की। 1991 में ‘चाणक्य’ टीवी सीरियल से संजय को ब्रेक मिला, लेकिन इस सीरियल को करने के बाद संजय को लगा कि ये वो नहीं है, जो वो करने के लिए इंडस्ट्री में आए हैं।

sanjay mishra
ढाबे पर काम करने लगे थे संजय मिश्रा 
‘ऑफिस-ऑफिस’ कॉमेडी सीरियल और फिल्मों-टीवी सीरियल में कई रोल करने के बाद भी संजय ने इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था। ये वो दौर था जब संजय ने कई फिल्मों में काम तो किया था, लेकिन उन्हें वो पहचान नहीं मिल पाई थी, जिसके वो हकदार थे, इसलिए संजय ने सबकुछ छोड़कर ऋषिकेश जाने का फैसला किया। इसके अलावा संजय अपने पिता की मौत के बाद खुद को अकेला महसूस करने लगे थे, वो ऋषिकेश में एक ढाबे पर काम करने लगे, उन्हें किसी ने पहचाना नहीं। संजय अपने पिता की मौत से इतना टूट चुके थे, कि अपनी पूरी जिंदगी ऋषिकेश में ही बिताने वाले थे, लेकिन रोहित शेट्टी ने उन्हें अपनी फिल्म ‘ऑल दी बेस्ट’ के लिए मनाया। इस तरह संजय ने फिर से वापसी की।


बहुत कुछ सिखाती है संजय की जिंदगी 
-सभी की जिंदगी में कोई न कोई दौर ऐसा जरूर आता है, जब वो खुद को अकेला महसूस करने लगता है। ऐसे में निराशा और नकरात्मकता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। 
-अपने जीवन में किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए। कुछ पाने के बाद हमेशा आपको विनम्र रहना चाहिए। 
-निराशा और आशा जीवन के दो पहलू हैं, इसलिए निराशा के दौर का भी अंत होना ही है। यह सोचकर आप खुद को सकरात्मकता की ओर मोड़ सकते हैं। 
-जीवन में किसी प्रियजन को खोने के दुख का सामना सभी को करना पड़ता है। ऐसे में किसी सार्थक काम से जुड़कर अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जा सकता है।
-आप अगर जिंदा हैं, तो आप कभी भी वापसी कर सकते हैं। 

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  • Web Title:you can restart yourself in every stage of life