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5 सितम्बर, 2020|2:15|IST

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Aja EKadashi 2020: आज है अजा एकादशी, इस शुभ मुहूर्त में पूजा कर पाएं मनचाहा वरदान

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहते हैं। इस साल अजा एकादशी का व्रत 15 अगस्त (शनिवार) को है।  मान्यता है कि इस व्रत को करने वाले को अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है। इसलिए सनातन धर्म में एकादशी का उपवास श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। कहते हैं कि एकादशी में श्री हरि की सच्चे भाव से पूजा करने वालों पर वह अपनी कृपा बरसाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

अजा एकादशी का महत्व-

शास्त्रों में बताया गया है कि अजा एकादशी का व्रत रखने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस व्रत करने से समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

अजा एकादशी आरंभ और समापन समय-

एकादशी तिथि आरंभ- 14 अगस्त 2020 दोपहर 2 बजकर 1 मिनट से।
समापन- 15 अगस्त 2020 रात 2 बजकर 20 मिनट पर।

अजा एकादशी व्रत विधि-

अजा एकादशी का व्रत कठिन माना जाता है। इस दिन किसी भी तरह के अनाज का सेवन नहीं किया जाता है। निर्जला या एक समय फलाहार करके ही अजा एकादशी का व्रत रखते हैं। मान्यता है कि व्रत रखने वाले को एकादशी की रात में सोना नहीं चाहिए और रात में श्रीहरि का ध्यान लगाना चाहिए।

अजा एकादशी पर कैसे करें पूजा-

अजा एकादशी का व्रत रखने वाले को सुबह उठकर स्नान से निवृत्त होकर सबसे पहले व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा पुष्प, धूप, वस्त्र आदि अर्पित करने के बाद आरती करनी चाहिए। भगवान विष्णु को तुलसी प्रिय है, इसलिए पूजा में तुलसी का पत्ता भी अर्पित करना चाहिए। अजा एकादशी के दिन गरीबों को दान देना चाहिए। 

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  • Web Title:When is Aja EKadashi 2020 Date Importance Puja Vidhi Subh Muhurat Vrat Vidhi Kab hai Aja EKadashi