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वज्रपात पर क्या कहता है ज्योतिष, जानिए कब तक है खतरा

बीते कुछ दिनों में देशभर में आकाशीय बिजली गिरने से अनेक लोगों की मौतें हुई हैं। लोग डरे और सहमें हुए हैं, किंतु ज्योतिष शास्त्रों में पहले से इसके बारे में वर्णित है। ज्योतिष शास्त्रों में पहले से ही...

वज्रपात पर क्या कहता है ज्योतिष, जानिए कब तक है खतरा
Praveenज्‍योत‍िषाचार्य पं.श‍िवकुमार शर्मा,मेरठ Tue, 13 Jul 2021 11:14 PM

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बीते कुछ दिनों में देशभर में आकाशीय बिजली गिरने से अनेक लोगों की मौतें हुई हैं। लोग डरे और सहमें हुए हैं, किंतु ज्योतिष शास्त्रों में पहले से इसके बारे में वर्णित है। ज्योतिष शास्त्रों में पहले से ही अनेक भविष्यवाणियां लिखी हुई है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार मौसम की भविष्यवाणी करते हुए कहा गया है: ’आगे मंगल पीछे राहु, मध्य विराजे भान। नित आकाशीय उपद्रव हो, जाएं सैकड़ों जान।’ अर्थात जब मंगल सूर्य की राशि से आगे हो तथा राहु सूर्य की राशि से पीछे हो तो आकाशीय बिजली या वज्रपात से पृथ्वी कांप उठती है। अर्थात् आकाशीय बिजली से जन-धन की हानि होती है। इस समय सूर्य मिथुन राशि में, मंगल उससे आगे की राशि कर्क में चल रहे हैं और राहु वृषभ राशि में गोचर में चल रहे हैं।

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ज्योतिष में राहु ,मंगल और सूर्य तीनों ही अग्नि तत्व के कारक हैं। राहु मंगल साथ होने से अंगारक योग बनता है और जब तीनों लगातार एक ही राशि के अंतर से हो परम विध्वंसक योग बनता है। इससे आकाशीय बिजली एवं भयंकर अग्निकांड से जनधन की हानि होती है। सूर्य 16 जुलाई को कर्क राशि में आकर इस उपद्रव को शांत करेंगे। वैसे लोक प्रचलन के आधार पर यह भी कहा जाता है कि श्रावण के बादल चुपचाप बरसते हैं और अन्य दिनों में गड़गड़ाहट और वज्रपात के साथ शोर मचाते हैं। कर्क राशि में सूर्य आने पर श्रावण मास की औपचारिकता आरंभ हो जाएंगी। रिमझिम बरसात का मौसम आरंभ होगा।
(ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।) 
 

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