Vaishakh Purnima The effect of this fast does not remain due to the fear of death - Buddha purnima: इस व्रत के प्रभाव से नहीं रहता अकाल मृत्यु का भय DA Image

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Buddha purnima: इस व्रत के प्रभाव से नहीं रहता अकाल मृत्यु का भय

पुराणों में वैशाखी पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र एवं फलदायी तिथि माना गया है। वैशाख पूर्णिमा पर धर्मराज की पूजा करने का विधान है, इसलिए इस व्रत के प्रभाव से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण के बचपन के साथी सुदामा जब द्वारिका उनके पास मिलने पहुंचे थे, तो भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें सत्य विनायक पूर्णिमा व्रत का विधान बताया। इसी व्रत के प्रभाव से सुदामा की सारी दरिद्रता दूर हुई।

वैशाख पूर्णिमा का बहुत महत्व है। इस दिन पिछले एक महीने से चला आ रहा वैशाख स्नान एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति की जाती है। मंदिरों में हवन-पूजन के बाद वैशाख महात्म्य कथा का परायण किया जाता है। वर्ष 2019 में यह व्रत 18 मई दिन शनिवार का पड़ रहा है।

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इस दिन यह करें

-पुराणों में वर्णित हैं कि इस दिन प्रातः नदियों एवं पवित्र सरोवरों में स्नान के बाद दान-पुण्य जरूर करें। आज के दिन किया दान बहुत लाभकारी होता है।

-प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय आदि में स्नान करें और करने के बाद सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।

-स्नान के पश्चात व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

- शक्कर और तिल दान करने से अनजान में हुए पापों का भी क्षय हो जाता है।

-पूजन के समय तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

 

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