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25 या 26 नवंबर, कब है बैकुंठ चतुर्दशी? नोट कर लें शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजाविधि और उपाय

Vaikuntha Chaturdashi 2023 Date: हर साल कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बैकुंठ चतुर्दशी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन शिवजी और विष्णुजी की पूजा करने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

25 या 26 नवंबर, कब है बैकुंठ चतुर्दशी? नोट कर लें शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजाविधि और उपाय
Arti Tripathiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 25 Nov 2023 06:15 AM
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Vaikuntha Chauturdashi 2023: हिंदू धर्म में बैकुंठ चतुर्दशी के दिन शिवजी और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। हर साल कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बैकुंठ चतुर्दशी मनाई जाती है। इस साल 25 नवंबर 2023 को बैकुंठ चतुर्दशी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि श्रीहरि और देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना से स्वर्ग-लोक की प्राप्ति होती है और जातक के सभी दुख दूर हो जाते हैं। आइए जानते हैं बैंकुठ चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजाविधि और उपाय...

बैकुंठ चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त: पंचांग के अनुसार, 25 नवंबर 2023 को शाम 5:22 पीएम पर कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा और 26 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगा। विष्णुजी की पूजा निशिता काल में की जाती है। इसलिए इस साल 25 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी मनाया जाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त:

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11: 47 एएम से दोपहर 12: 29 पीएम तक

निशिता मुहूर्त: रात 11 : 42 पीएम से सुबह 12:35 एएम तक

क्यों खास है बैकुंठ चतुर्दशी?

धार्मिक मान्यता है कि देवउठनी एकादशी के दिन विष्णुजी निद्रा योग से जागते हैं और बैंकुठ चतुर्दशी के दिन शिवजी ने उन्हें ब्रह्मांड संभालने का कार्यभार सौंपा था। इसलिए इस शुभ दिन पर विष्णुजी और शिवजी की पूजा-उपासना का बड़ा महत्व है।

पूजाविधि:

बैकुंठ एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठें।
स्नादि के बाद अगर संभव हो, तो शिवजी और विष्णुजी के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
मंदिर में घी का दीपक जलाएं। 
विष्णुजी को बेलपत्र और कमल का फूल चढ़ाएं।
मान्यता है कि बैकुंठ चतुर्दशी ही एकमात्र ऐसा दिन है, जिस दिन शिवजी को तुलसी चढ़ाया जा सकता है।
इसके बाद श्रीहरि और महादेव की विधि-विधान से पूजा करें।
इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
इसके साथ ही विष्णुजी की कृपा पाने के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करें।

बैकुंठ चतुर्दशी के उपाय:

धन लाभ के उपाय: बैकुंठ चतुर्दशी के दिन विष्णुजी को बेलपत्र अर्पित करें और अगले दिन इसे अपनी तिजोरी में रख लें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन की तंगी दूर होती है और आय के साधनों में वृद्धि होती है।

सुख-समृद्धि के उपाय: इस शुभ दिन शिवजी का मंत्र ऊँ नमः शिवाय और ऊँ अं वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करना बेहद मंगलकारी माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में खुशियां आती हैं।

जीवन में तरक्की के उपाय: बैकुंठ चतुर्दशी के दिन शिवजी को तुलसी दल अर्पित कर सकते हैं। यह एकमात्र ऐसा दिन है, जब शिवजी को तुलसी का पत्ता अर्पित करना शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
 

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