ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News Astrologyutpanna ekadashi 2023 kab hai date time puja vidhi shubh muhrat samagri ki list

Utpanna Ekadashi : उत्पन्ना एकादशी कब है? नोट कर लें डेट, पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त, व्रत पारणा टाइम और सामग्री की पूरी लिस्ट

हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो बार एकादशी तिथि पड़ती है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। एकादशी के दिन विधि- विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

Utpanna Ekadashi : उत्पन्ना एकादशी कब है? नोट कर लें डेट, पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त, व्रत पारणा टाइम और सामग्री की पूरी लिस्ट
Yogesh Joshiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 08 Dec 2023 05:27 AM
ऐप पर पढ़ें

Utpanna Ekadashi 2023 :  मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो बार एकादशी तिथि पड़ती है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। एकादशी के दिन विधि- विधान से भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना की जाती है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। आइए जानते हैं उत्पन्ना एकादशी डेट, पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री की पूरी लिस्ट-

उत्पन्ना एकादशी डेट- इस साल उत्पन्ना एकादशी का व्रत 8 और 9 दिसंबर दो दिन रखा जाएगा। 8 दिसंबर को गृहस्थ जन व्रत रखेंगे और 9 दिसंबर को वैष्णव जन व्रत रखेंगे।

मुहूर्त- 

  • एकादशी तिथि प्रारम्भ - दिसम्बर 08, 2023 को 05:06 ए एम बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त - दिसम्बर 09, 2023 को 06:31 ए एम बजे

9 दिसंबर को पारण (व्रत तोड़ने का समय) - 01:16 पी एम से 03:20 पी एम

पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय - 12:41 पी एम

10 दिसंबर को पारण (व्रत तोड़ने का समय)- 07:03 ए एम से 07:13 ए एम

पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 07:13 ए एम

1 दिसंबर से शुरू होंगे इन राशियों के अच्छे दिन, आने वाले 31 दिनों तक रहेगी मौज

पूजा- विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।
  • भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
  • अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
  • भगवान की आरती करें। 
  • भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं। 
  • इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें। 
  • इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें। 

एकादशी व्रत पूजा सामग्री लिस्ट

  • श्री विष्णु जी का चित्र अथवा मूर्ति
  • पुष्प
  • नारियल 
  • सुपारी
  • फल
  • लौंग
  • धूप
  • दीप
  • घी 
  • पंचामृत 
  • अक्षत
  • तुलसी दल
  • चंदन 
  • मिष्ठान

दिसंबर का महीना इन राशियों की बदलेगा किस्मत, राजा के समान हो जाएगा जीवन

इस दिन चावल का सेवन न करें

  • एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन चावल का सेवन करना अशुभ माना जाता है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें