Utpanna Ekadashi 2019 know the fasting and pujan rules - उत्पन्ना एकादशी : व्रत के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें पूजा के नियम DA Image
14 दिसंबर, 2019|6:46|IST

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उत्पन्ना एकादशी : व्रत के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें पूजा के नियम

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उत्पन्ना एकादशी का व्रत आरोग्य, संतान प्राप्ति और मोक्ष के लिए किया जाने वाला व्रत है। यह मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस बार उत्पन्ना एकादशी 22 नवम्बर को होगी। इस शुभ दिन विधि-विधान से पूजा करने पर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही आपको इस दिन कुछ कामों से भी बचना चाहिए। आइए, जानते हैं क्या है इसके नियम- 

यह व्रत दो प्रकार से रक्खा जाता है- निर्जल व्रत और फलाहारी या जलीय व्रत।
- सामान्यतः निर्जल व्रत पूर्ण रूप से सेहतमंद व्यक्ति को ही रखना चाहिए।
- अन्य या सामान्य लोगों को फलाहारी या जलीय उपवास रखना चाहिए।
- इस व्रत में दशमी को रात्रि में भोजन नहीं करना चाहिए।
- एकादशी को प्रातः काल श्री कृष्ण की पूजा की जाती है।
- इस व्रत में केवल फलों का ही भोग लगाया जाता है।
इस दिन केवल जल और फल का ही सेवन करना उचित माना जाता है। 


इस दिन इन कामों से बचें 
- तामसिक आहार व्यवहार तथा विचार से दूर रहें।
- बिना भगवान विष्णु को अर्घ्य दिए हुए दिन की शुरुआत न करें।
- अर्घ्य केवल हल्दी मिले हुए जल से ही दें। रोली या दूध का प्रयोग न करें। 
- अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो उपवास न रखें। केवल प्रक्रियाओं का पालन करें।

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