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10 जुलाई, 2020|6:19|IST

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तुलसीदास जयंती कल: जानें रामचरितमानस के रचयिता के बारे में कुछ बातें

तुलसीदास जयंती

कल गोस्वामी तुलसीदास जयंती है। गोस्वामी तुलसीदास भक्ति रस के कवि थे। तुलसीदास रामचरितमानस, बरवै रामायण, विनय पत्रिका, राम लला नहछू आदि प्रमुख ग्रंथों के रचयिता हैं। राम भक्त हनुमान को तुलसीदास का अध्यात्मिक गुरू कहा जाता है। महाबलि हनुमान की उपासना के लिए भी तुलसी दास ने विभिन्न रचनाएं लिखी हैं। जिनमें हनुमान चालिसा और बजरंग बाण आदि प्रमुख हैं।

ऐसी मान्यता है कि तुलसीदास को पत्नी रत्नावली से अत्यंत लगाव था। एक बार तुलसीदास ने अपनी पत्नी से मिलने के लिए उफनती नदी को भी पार कर लिया था। तब उनकी पत्नी ने उन्हें उपदेश देते हुए कहा जितना प्रेम आप मुझसे करते है, उतना स्नेह यदि प्रभु राम से करते, तो तुम्हें मोक्ष की प्राप्ति हो जाती। यह सुनते ही तुलसीदास की चेतना जागी और उसी समय से वह प्रभु राम की वंदना में जुट गए।

तुलसीदास जी ने उस समय में समाज में फैली अनेक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया अपनी रचनाओं द्वारा उन्होंने सामाज में उत्पन्न बुराईयों को खत्म करने की बात कहीं। आज भी भारत के कोने-कोने में रामलीलाओं का मंचन होता है। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में पूरे देशभर में रामचरित मानस व ग्रंथों का पाठ किया जाता है। तुलसीदास जी ने अपना अंतिम समय काशी में व्यतित किया और वहीं राम जी के नाम का स्मरण करते हुए अपने शरीर का त्याग किया।

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  • Web Title:Tulsidas Jayanti 2018 know about ramcharitramanas author