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9 नवंबर, 2020|10:35|IST

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राहुकाल में इसलिए नहीं किए जाते हैं शुभ कार्य, ऐसे आते हैं परिणाम

नौ ग्रहों में से एक ग्रह राहु ग्रह भी है। हर दिन वार के अनुसार राहुकाल अलग-अलग होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस समय में कोई भी पूजा पाठ किया जाता है तो उसका शुभ फल नहीं मिलता है। इसलिए अगर कोई मंगल कार्य कर रहे हैं, जैसे कोई नया बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो इस बात का ख्याल रखें कि राहुकाल के समय में इसकी शुरुआत न करें। अगर को आपको किसी अच्छे कार्य के लिए जाना है तो राहुकाल में की गई यात्रा भी फलदायी नहीं होती है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी कार्य राहुकाल में शुरू होता है वह बिना बाधा के पूरा नहीं होता है। 

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राहु काल की अवधि दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय) के 8वें भाग के बराबर होती है यानी राहु काल का समय डेढ़ घंटा होता है। यह प्रत्येक दिन 90 मिनट का एक निश्चित समय होता है, जो राहु काल कहलाता है। राहु काल के दौरान किसी कीमती चीज की खरीददारी नहीं करनी चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इससे इच्छित फल की प्राप्ति नहीं होती है।

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कुंडली में राहु ग्रह सही स्थिति में नहीं है तो इन उपायों को आजमाना चाहिए।
राहु को प्रसन्न करने के लिए चांदी का चकौर टुकड़ा अपने पास रखें।
कोयला और नारियल बहते पानी में प्रवाहित करें। 
राहु की शांति के लिए राहु के बीजमंत्र का जाप करना अच्छा रहता है। 

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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  • Web Title:This is why auspicious work is not done in Rahukaal this is how results come