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18 जनवरी, 2020|8:12|IST

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महाभारत में अर्जुन के अलावा श्रीकृष्ण से इन 3 योद्धाओं ने भी सुना था गीता का ज्ञान, बहुत कम लोग जानते हैं ये बातें

krishna

कहते हैं कि अगर दुर्योधन ने भगवत गीता का ज्ञान श्रीकृष्ण से ले लिया होता, तो शायद उसे जीवन का मर्म समझ में आ जाता और कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक युद्ध की आवश्यकता नहीं पड़ती। ऐसा नहीं है कि श्रीकृष्ण ने कभी दुर्योधन को गीता ज्ञान देने की कोशिश नहीं की, लेकिन अर्जुन ने गीता ज्ञान लेने से यह कहकर मना कर दिया कि वो स्वंय बहुत ज्ञानी है इसलिए उसे किसी भी ज्ञान की जरुरत नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्रीकृष्ण के मुख से सिर्फ अर्जुन ही नहीं बल्कि कई दूसरे योद्धाओं ने भी गीता सुनी थी। 

 
अर्जुन के अलावा इन योद्धाओं ने सुनी थी गीता की मूल्यवान बातें 
जब श्री कृष्ण ने पहली बार अर्जुन को भागवत गीता सुनाई थी, तब वहां अर्जुन अकेले नहीं थे बल्कि उनके साथ हनुमान जी, संजय एवं बर्बरीक भी मौजूद थे। हनुमान उस समय अर्जुन के रथ के ऊपर सवार थे। दूसरी ओर संजय को श्री वेद व्यास द्वारा वेद दृष्टि का वरदान प्राप्त था जिस कारण वे चल रही हर हलचल को महल में बैठकर भी देख सकते थे और सुन सकते थे, जबकि बर्बरीक, जो घटोत्कच के पुत्र हैं, वे उस समय श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच चल रही उस बात को दूर पहाड़ी की चोटी से सुन रहे थे। कहा जाता है कि महाभारत युद्ध के दौरान श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच हुई वह बातचीत ऐतिहासिक है, क्योंकि आज मनुष्य में महाभारत के उस युग को अनुभव करने की क्षमता व दैविक शक्तियां प्राप्त नहीं है, जो ऋषि-मुनि अपने तप से वह शक्तियां प्राप्त कर लेते हैं। वे बंद आंखों से अपने सामने महाभारत युग में हुए एक-एक अध्याय को देख सकते हैं।

 

अल्बर्ट आइंस्टीन सहित कई बड़े वैज्ञानिकों ने की थी गीता की सराहना 
भागवत गीता की रचनाओं को ना केवल भारत के विभिन्न धर्मों की मान्यता हासिल है बल्कि एक समय में दुनिया के जाने-माने वैज्ञानिक रहे अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी इस महान ग्रंथ की सराहना की थी। ब्रह्मांड और इससे जुड़े तथ्यों को जानना उनके लिए काफी आसान हो जाता। यह देवों द्वारा रचा गया ऐसा ग्रंथ है, जिसमें ब्रह्मांड से भूतल तक की सारी जानकारी समाई है।
 

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  • Web Title:these four warriors were heard bhagwat gita gyan by lord krishna during mahabharat battle