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27 अक्तूबर, 2020|5:15|IST

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पिछले जन्म में देवी-देवता के अवतार थे, महाभारत के ये 6 योद्धा

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महाभारत की कहानियों से आज भी हम बहुत कुछ सीख सकते हैं।न्याय और अन्याय के युद्ध में कई पात्र ऐसे थे, जिन्हें आज भी याद किया जाता है। महाभारत के कुछ पात्र पूर्वजन्म में देवी-देवता थे।आइए, जानते हैं उनके बारे में- 

भगवान श्रीकृष्ण
श्रीकृष्ण को 64 कलाओं और अष्ट सिद्धियों से परिपूर्ण माना जाता है। ऐसा माना गया है कि वे स्वयं भगवान विष्णु के अवतार थे।श्रीकृष्ण के इस अवतार के बाद ही कलियुग का आगमन हुआ था।

 

बलराम
श्रीकृष्ण के भाई बलराम शेषनाग के अवतार थे।कृष्ण के बड़े भाई होने की वजह से उन्हें ‘दाउजी’ के नाम से भी जाना जाता है। महाभारत के युद्ध के दौरान बलराम किसी के पक्ष में नहीं थे और तटस्थ होकर तीर्थयात्रा पर चले गए।

 

भीष्म
श्रीकृष्ण के बाद अगर महाभारत का कोई सबसे प्रमुख और चर्चित पात्र रहा तो वो हैं ‘भीष्म’ पितामाह। पांच वसुओं में से एक ‘द्यु’ नामक वसु ने देवव्रत के रूप में जन्म लिया था।

 

द्रोणाचार्य
कौरवों और पांडवों के गुरु रहे द्रोणाचार्य अत्यंत शक्तिशाली और पराक्रमी योद्धा थे। माना जाता है देवताओं के गुरु बृहस्पति देव ने ही द्रोणाचार्य के रूप में जन्म लिया था।


द्रौपदी
महाभारत की सबसे जरूरी और शायद सबसे शक्तिशाली स्त्री पात्र रहीं द्रौपदी का जन्म इन्द्राणी के अवतार के रूप में हुआ था।


अर्जुन
अर्जुन को पांडु पुत्र माना जाता है, लेकिन असल में वे इन्द्र और कुंती के पुत्र थे। दानवीर कर्ण को इन्द्र का अंश ही माना जाता है।

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  • Web Title:These 6 warriors of Mahabharata were gods and goddesses in past lives