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उत्तरायण में सूर्य : मकर संक्रांति को भूलकर भी न करें ये काम

...तो इसलिए इस संक्रांति को मकर संक्रांति

1/3 ...तो इसलिए इस संक्रांति को मकर संक्रांति

14 जनवरी यानी रविवार को सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में आ रहे हैं। सूर्य इस परिवर्तन को संक्रांति काल कहा जाता है। चूंकि सूर्य के दिन ही कर्क रेखा से मकर राशि आते हैं इसलिए इस संक्रांति को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। आज के दिन किए गए स्नान दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। यह भी मान्यता है कि आज के ही दिन सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने आते हैं और शुक्र का उदय होने से इस काल को शुभ कार्यों की शुरुआत का समय भी माना जाता है। आज से स्नान दान के साथ ही शुभ कार्य करने का समय शुरू हो जाता है। लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे काम भी हैं जिनके संक्रांति के दिन नहीं करने चाहिए।

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  • Web Title:the thing not to do on the occasion of makar sankranti
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