DA Image
18 सितम्बर, 2020|1:24|IST

अगली स्टोरी

महाराष्ट्र के इस गांव के लोग खुद को बताते हैं भगवान कृष्ण का वंशज, मुफ्त में बांटते हैं दूध

yelegaon maharashtra story

महाराष्ट्र में हिंगोली जिले के एक गांव के लोग खुद को भगवान कृष्ण का वंशज बताते हैं और दूध बेचते नहीं हैं बल्कि जरूरतमंद को मुफ्त में देते हैं।

महाराष्ट्र के अनेक किसानों और नेताओं ने इसी महीने दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था और सड़कों पर दूध फैलाया तक गया था, वहीं येलेगांव गावली के लोगों ने कभी दूध नहीं बेचा। गांव में लगभग हर घर में दुधारू मवेशी हैं। गांव निवासी राजाभाऊ मंडाडे (60) ने 'पीटीआई-भाषा से कहा, ''येलेगांव गावली का मतलब ही है दूधियों का गांव। हम खुद को भगवान कृष्ण का वंशज मानते हैं और इसलिए हम दूध नहीं बेचते।

गांव में कम से कम 90 प्रतिशत घरों में गाय, भैंस और बकरी समेत अन्य मवेशी हैं और यहां दूध नहीं बेचने की परंपरा पीढ़ियों से चल रही है। उन्होंने बताया कि जब ज्यादा दूध हो जाता है तो विभिन्न दुग्ध उत्पाद बनाए जाते हैं, लेकिन किसी को भी बेचा नहीं जाता और जरूरतमंदों को मुफ्त में बांट दिया जाता है।

उन्होंने कहा, ''गांव में जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। गांव में एक कृष्ण मंदिर है। हालांकि कोविड-19 महामारी की वजह से इस बार सारे कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए हैं।

गांव के सरपंच शेख कौसर (44) ने कहा कि दूध नहीं बेचने की परंपरा सभी धर्मों के ग्रामीण अपनाते हैं। उन्होंने बताया, '' गांव का कोई भी आदमी, चाहे हिंदू हो या मुसलमान या किसी अन्य धर्म से ताल्लुक रखने वाला हो, कोई भी अपने मवेशी का दूध नहीं बेचता

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:The people of this village of Maharashtra tell themselves as descendants of Lord Krishna distribute milk for free