DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बदले की भावना ले जाती है विनाश की ओर

दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रपति बनने के बाद नेल्सन मंडेला एक दिन अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ रेस्तरा में खाना खाने गए। खाने का आर्डर दिया और उसके आने का इंतजार करने लगे। उसी समय मंडेला की सीट के सामने एक व्यक्ति भी अपने खाने का आने का इंतजार कर रहा था।

मंडेला ने अपने सुरक्षाकर्मी ने उस आदमी को भी अपनी टेबल पर बुलाने के लिए कहा। ऐसा ही हुआ, खाना आने के बाद सभी लोग खाने लगे, वो आदमी भी नेल्सन मंडेला के साथ खाने लगा। हालांकि खाना खाते समय उसके हाथ काप रहे थे और माथा पसीने से तर था।

खाना खत्म कर वो आदमी उठा और सिर झुकाकर होटल से निकल गया। उस आदमी के खाना खाकर जाने के बाद मंडेला के सुरक्षा अधिकारी ने मंडेला से कहा कि वो व्यक्ति शायद बहुत बीमार था। खाते वक्त उसके हाथ लगातार कांप रहे थे। वह भी कांप रहा था और पसीना भी आ रहा था। काफी घबराया सा भी लग रहा था।

मंडेला ने कहा नहीं  ऐसा नहीं है। वह उस जेल का जेलर था, जिसमें मुझे रखा गया था। यह वही जेलर था जिसने मेरे साथ अमानवीय बर्ताव किया और खूब यातनाएं दीं। जब कभी मैं कराहते हुए पानी मांगता तो ये गाली देता और बहुत बुरा बर्ताव करता था।

मंडेला ने कहा, अब मैं राष्ट्रपति बन गया हूं, उसने समझा कि मैं भी उसके साथ ऐसा ही व्यवहार करूंगा लेकिन मेरा यह चरित्र नहीं है। मुझे लगता है बदले की भावना से काम करना विनाश की ओर ले जाता है। वहीं, धैर्य और सहिष्णुता की मानसिकता हमें विकास की ओर ले जाती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:The feeling of exchange leads to destruction
Astro Buddy