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पंचांग-पुराणसाहस, शौर्य और बल में वृद्धि करती है सूर्यदेव की उपासना 

लाइव हिन्दुस्तान टीम ,meerutPublished By: Arpan
Sun, 10 Jan 2021 01:27 AM
साहस, शौर्य और बल में वृद्धि करती है सूर्यदेव की उपासना 

सूर्यदेव को ग्रहों के राजा की संज्ञा दी गई है। रविवार का दिन सूर्यदेव की उपासना के लिए विशेष दिन है। सूर्यदेव की कृपा से समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। भाग्य संबंधी परेशानियां भी सूर्यदेव की पूजा से दूर हो जाती हैं।

सूर्यदेव का एक नाम सविता भी है, जिसका अर्थ है सृष्टि करने वाला। सृष्टि में सबसे पहले प्रकट होने के कारण ही सूर्य नारायण को आदित्य भी कहा जाता है। सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक रविवार को व्रत रखना शुभ फल देता है। सूर्य ऐसे देव हैं जिन्हें साक्षात देखा जा सकता है। उनकी उपासना से सदा निरोगी रहने का वरदान प्राप्त होता है। सूर्यदेव की उपासना से बड़े से बड़ा अशुभ टल जाता है। प्रतिदिन उगते सूर्य को ही जल अर्पित करना चाहिए। भगवान सूर्य को जल अर्पित करें वह पात्र तांबे का होना चाहिए। आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करने से साहस, शौर्य, बल में वृद्धि होती है। सूर्य यंत्र की स्थापना घर में करने से नकारात्मकता से बचाव होता है। घर से रोग दूर होते हैं। रविवार के दिन काली वस्तु जैसे दाल, कपड़ा या काले तिल, चनों का दान करें। गाय और चिड़ियां को रोटी या दाना खिलाना भी लाभकारी होता है। रविवार को सूर्यदेव का उपवास करने से नेत्र और चर्म रोग से मुक्ति मिलती है। सूर्यदेव को लाल पुष्प, लाल चंदन, गुड़हल का फूल, चावल अर्पित करें। गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई सूर्यदेव को अर्पित करें। भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए गेहूं का दान करना शुभ माना जाता है। सूर्य नमस्कार से बल, बुद्धि, विद्या, वैभव, तेज, पराक्रम व दिव्यता आती है। सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए भगवान विष्णु की उपासना करें। गायत्री मंत्र का जाप करें। 

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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