Hindi Newsधर्म न्यूज़Sun Transit in 2024 : Sun will create a yoga called Guru Aditya this is a time of fortune-changing times for these zodiac signs

Sun Transit in taurus :आज का सूर्य का वृषभ राशि में गोचर, बनेगा Guru Aditya योग, इनके लिए किस्मत बदलने वाला समय, उपाय भी

Sun Transit in 2024 :ग्रहीय मंत्रिमंडल में राजा के नाम से सुशोभित सूर्य देव का स्वाभाविक संरक्षण के क्रम में मेष राशि से वृष राशि में गोचर 14 में 2024 दिन मंगलवार की रात में 9:26 पर होगा। सूर्य को पित

Anuradha Pandey ज्योतिर्विद डॉ दिवाकर त्रिपाठी, नई दिल्लीTue, 14 May 2024 06:20 AM
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ग्रहीय मंत्रिमंडल में राजा के नाम से सुशोभित सूर्य देव का स्वाभाविक संरक्षण के क्रम में मेष राशि से वृष राशि में गोचर 14 में 2024 दिन मंगलवार की रात में 9:26 पर होगा। सूर्य को पिता, आंख, राज्य, ऊर्जा, ज्ञानोदय, आत्मा, रुचि, आत्मविश्वास, तपस्या, सरकारी नौकरी आदि का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य मंगल की राशि में अपनी उच्च स्थिति को प्राप्त करते हुए गोचर कर रहे थे। वृष राशि में सूर्य शत्रु क्षेत्री हो जाते हैं फिर भी सूर्य अपना संपूर्ण प्रभाव दे पाने में समर्थ होंगे। वृष राशि में पहले से गोचर कर रहे बृहस्पति के साथ योग संबंध स्थापित होगा। परिणाम स्वरुप गुरुआदित्य नामक योग का निर्माण होगा । जिसका प्रभाव चराचर जगत सहित सभी प्राणियों पर पड़ेगा।  स्वतंत्र भारत की कुंडली में लग्न के अनुसार देखा जाए तो सूर्य चतुर्थ स्थान अर्थात सुख भाव के कारक होकर लग्न भाव पर करेंगे। सुखेश का केंद्रस्त होना शुभ फलों में वृद्धि करेगा परंतु तीव्रता भी उत्पन्न कर सकता है। अतः भारतीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो रियल एस्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर मोटर सेक्टर के क्षेत्र में प्रगति देखने को मिल सकता है। सरकारी तंत्र का प्रभाव सकारात्मक रूप से सामने आ सकता है। आम जनमानस के सुखों में वृद्धि की स्थिति बनती हुई दिखाई देगी । लोगों में रोग से लड़ने की क्षमता में वृद्धि भी होगा । सूर्य के साथ गोचर करते हुए सूर्य अपने प्रभाव में शुभता प्रदान करेंगे परिणाम स्वरूप शत्रुओं पर विजय की स्थिति प्रदान करेंगे। अंतरराष्ट्रीय समाज में भारत के वर्चस्व में वृद्धि की स्थिति बनाएंगे । विदेशी लाभ की अच्छी संभावना बन सकती है।
  सूर्य के इस गोचर का मेष से मीन तक के सभी जातकों पर व्यापक प्रभाव दिखाई देगा।

मेष :- मेष वालो के लिए सूर्य पंचम के कारक होकर द्वितीय भाव में गोचर करेंगे । ऐसे में बुद्धि बल से धनागम के स्रोत बनेंगे । आंखों की समस्या पर खर्च या तनाव बढ़ सकता है। पारिवारिक कार्यों को लेकर मन में उत्साह बना रहेगा। वाणी व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा । 
उपाय :- मुफ्त में किसी से कुछ भी ल ना ले तथा आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें।

वृष :- वृष वालों के लिए सूर्य सुख भाव के कारक होकर के वृष राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में व्यक्तित्व में निखार आएगा । सरकारी लाभ की संभावना बनेगी। मनोबल में उच्चता बना रहेगा। गृह एवं वाहन सुख से लाभ हो सकता है। माता-पिता का सुख सानिध्य प्राप्त हो सकता है। दांपत्य जीवन में सामान्य तनाव अथवा अवरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रेम संबंधों में टकराव हो सकता है। 
उपाय :- आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करें।

मिथुन :- मिथुन वालों के लिए सूर्य पराक्रम के कारक होकर व्यय भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में आंखों में कष्ट की संभावना बनेगी। दूरस्थ यात्रा का योग बन सकता है। पराक्रम बढ़ाने या दिखावा में खर्च हो सकता है,अचानक खर्च वृद्धि की संभावना बन सकती है। प्रतियोगिता में विजय की स्थिति बन सकती है । भाई बहनों तथा मित्रों को लेकर तनाव हो सकता है। पुरुषार्थ में कमी हो सकती है।
उपाय :- परोपकार एवं सेवा कार्य में मन लगाएं

कर्क :- कर्क वालों के लिए सूर्य धन भाव के कारक होकर के लाभ भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में धन संबंधित कार्यों में प्रगति। आर्थिक गतिविधियों में सुधार। अचानक धन लाभ की प्राप्ति। बौद्धिक क्षमता के आधार पर धन प्राप्ति का योग बनेगा। संतान को लेकर सामान्य प्रगति संभव है। अध्ययन अध्यापन में सकारात्मक प्रगति की संभावना बनेगी। पैतृक संपत्ति का लाभ बन सकता है। वाणी संबंधित कार्यों में प्रयासरत या कार्यरत लोगों को विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है।
उपाय :- मूली रात में सिरहाने रखें सुबह किसी मंदिर में दान करें।

सिंह :- सिंह वालों के लिए सूर्य मुख्य कारक ग्रह होकर दशम भाव में गोचर करेंगे । ऐसे में सामाजिक पद प्रतिष्ठा सम्मान में वृद्धि होगी। परिश्रम में वृद्धि की संभावना बनेगी। नौकरी तथा व्यापार में उन्नति होगा । सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत लोगों को लाभ की संभावना बनेगी। सीने की तकलीफ की संभावना बन सकती है। गृह एवं वाहन सुख की संभावना बनेगी। मनोबल में उच्चता बनी रहेगी।
उपाय :- सूर्य के मंत्रो का जप करना विशेष लाभदायक होगा।

कन्या :- कन्या वालों के लिए सूर्य खर्च भाव के कारक होकर भाग्य भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में कार्यों में भाग्य का साथ कम प्राप्त होगा। पराक्रम में वृद्धि होगी। पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की संभावना बन सकती है। भाई बहनों तथा मित्रों का सहयोग सानिध्य प्राप्त होगा। भाई-बहनों पर खर्च की स्थिति बन सकती है। धार्मिक कार्यों पर खर्च का योग बनेगा। यात्रा खर्च में अचानक वृद्धि हो सकती है।
उपाय :- सूर्याष्टकम का नित्य पाठ करना लाभदायक होगा।

तुला :- तुला वालों के लिए सूर्य लाभ के कारक होकर अष्टम भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में लाभ भंग योग का सृजन होगा। फल स्वरुप लाभ तथा परिणाम की प्राप्ति के लिए अधिक श्रम की जरूरत पड़ेगी। आंखों की समस्या के कारण तनाव हो सकता है। पारिवारिक कार्यों में वृद्धि हो सकती है। पारिवारिक कार्यों में खर्च हो सकता है। पेट की समस्या के कारण सामान्य तनाव की स्थिति बन सकती है। कार्यस्थल पर सामान्य अवरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उपाय :-  सूर्य कवच एवं आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

वृश्चिक :- वृश्चिक वालों के लिए सूर्य दर्शन के कारक होकर सप्तम भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में सामाजिक पद प्रतिष्ठा सम्मान के लिए अति उत्तम समय रहेगा। व्यक्तित्व में निखार आएगा। मानसिक तीव्रता में वृद्धि आएगी। साझेदारी के कार्यों से लाभ की प्राप्ति होगी। श्रम के बल पर सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। नौकरी तथा व्यवसाय में सकारात्मक सुधार होगा। पदोन्नति का योग बन सकता है। दांपत्य जीवन एवं प्रेम संबंधों में तनाव की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
उपाय :- सूर्य को नियमित जल देते रहे तथा रविवार का व्रत करना विशेष लाभदायक होगा।

धनु :- धनु वालों के लिए सूर्य भाग्य के कारक होकर के छठे भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में भाग्य भंग योग का निर्माण होगा। अतः कार्यों में भाग्य का साथ कम प्राप्त होगा। लाभ के लिए अधिक श्रम करने की जरूरत पड़ेगी। पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रतियोगिता में विजय की स्थिति बन सकती है। दूरस्थ यात्रा का योग बन सकता है। आंखों की समस्या के कारण तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उपाय :- सूर्य अथर्वशीर्ष का पाठ करना विशेष लाभदायक होगा।

मकर :- मकर वालों के लिए सूर्य अष्टम के कारण होकर पंचम में गोचर करेंगे । ऐसे में संतान को लेकर सामान्य चिंता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बौद्धिक क्षमता का पूर्ण एवं सार्थक प्रयोग नहीं हो पाएगा। अध्ययन अध्यापन में अवरोध की स्थिति उत्पन्न होगी। डिग्री आदि के लिए सोच समझ कर ही शुरुआत करें। अचानक आर्थिक लाभ की स्थिति बन सकती है। पैतृक संपत्ति को लेकर तनाव की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
उपाय :-  सूर्य के तांत्रिक मंत्र का जप करें अथवा सूर्य गायत्री का पाठ करें।

कुंभ :- कुंभ वालों के लिए सूर्य सप्तम के कारक होकर के सुख भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में सुख संबंधित कार्यों में प्रगति की स्थिति बनेगी। गृह एवं वाहन सुख में प्रगति होगा। सीने की तकलीफ में वृद्धि होगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा सम्मान के लिए शुभ समय रहेगा। परिश्रम में वृद्धि होगी। सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। साझेदारी के कार्यों से लाभ की संभावना बन सकती है। दांपत्य जीवन एवं प्रेम संबंधों में सकारात्मक सुधार की स्थिति बन सकती है। 
उपाय :- रविवार के दिन अंधों को भोजन दें।

मीन :- मीन वालों के लिए सूर्य छठे भाव के कारक होकर पराक्रम भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में रोग, कर्ज, शत्रु पर विजय की स्थिति बनेगी। मुकदमा आदि में विजय की स्थिति बनेगी। पराक्रम में वृद्धि होगा परंतु अति घनिष्ठ व्यक्ति एवं भाई बहनों को लेकर तनाव भी उत्पन्न हो सकता है। पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी सामान्य चिंता की स्थिति बन सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में सामान्य वृद्धि होगा। पुरुषार्थ में वृद्धि का योग बन सकता है। भाई बहनों के साथ अच्छा व्यवहार करें।
 उपाय :-  सूर्याष्टकम का नियमित पाठ करें।

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