Success Tips: Steps to Achieve Your Dream - सक्सेस मंत्र: जिंदगी में आने वाली मुश्किलों को सपनों को पूरा होने की राह में बाधा न बनने दें DA Image

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सक्सेस मंत्र: जिंदगी में आने वाली मुश्किलों को सपनों को पूरा होने की राह में बाधा न बनने दें

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जिंदगी में मुसीबत कभी बताकर नहीं आतीं। मशहूर क्लासिकल डांसर और टीवी एक्ट्रेस सुधा चंद्रन की जिंदगी में भी मुसीबतों ने कुछ इसी तरह दस्तक दी और एक हादसे में उन्होंने अपना एक पैर गवां दिया। लेकिन, हर मुसीबत को ठेंगा दिखाते हुए वह फिर खड़ी हुईं और आज न सिर्फ नृत्य, बल्कि अभिनय की दुनिया में वह जाना-माना नाम हैं। जिंदगी के प्रति सुधा चंद्रन का नजरिया आपको बहुत कुछ सिखा सकता है। 

तमिलनाड़ु के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली सुधा चंद्रन को बचपन से ही नृत्य के प्रति लगाव है। लेकिन, वर्ष 1981 में एक हादसे ने उनकी जिंदगी और कला को लेकर संजोए गए सपने को झकझोर कर रख दिया। लोग उन्हें सहानुभूति देने लगे। यह सुधा को मंजूर नहीं था। उन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत बनाने की ठान ली और मंजिल की तलाश में जुट गईं। मुश्किल हालातों में उन्होंने धैर्य से काम लिया और कठिन परिश्रम करते हुए अपने सपने को पूरा किया।

शौक नहीं जिंदगी है नृत्य
सड़क हादसे में अपना पैर गंवाने के बाद के वह अक्सर लोगों को यह कहते सुनती थी, कितने दुख की बात है तुम्हारा सपना पूरा नहीं हो पाएगा या हमारी इच्छा थी कि तुम डांस कर सको। सुधा के मुताबिक, पैर गंवाने के बाद मैंने ‘जयपुर फुट’ की मदद से दोबारा चलना और फिर उसके बाद डांस करना सीखा। जब उन्होंने कृत्रिम पैरों के साथ स्टेज पर पहली बार डांस किया तो लोगों की प्रतिक्रिया प्रेरणादायी थी। इसके बाद उन्होंने एक फिल्म ‘मयूरी’ में भी काम किया, जो कि उनके ही जीवन पर आधारित थी। इसके फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। सुधा का कहना है कि क्योंकि डांस मेरा शौक नहीं, बल्कि जिंदगी है। इसलिए हर हाल में मैंने इसे जिंदा रखा।

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अभिशाप को बनाया वरदान
जीवन में हमेशा वही लोग असाधारण सफलता प्राप्त करते हैं, जिनके इरादे पक्के होते हैं। सुधा कहती हैं कि हादसे ने मेरी जिंदगी में अंधेरा ला दिया था। मैं भविष्य को लेकर बहुत उदास थी। लेकिन मैं उस अंधेरे और उदासी में हमेशा नहीं रह सकती थी। अपनी मां के साथ जयुपर आई तो इतनी भर मुराद थी कि मैं चल सकूं। मैंने जयपुर फुट के लोगों से मिलकर यही पूछा कि क्या में चल सकूंगी, नृत्य कर सकूंगी, तो डॉक्टरों ने कहा बेशक आप नृत्य कर सकेंगी। लेकिन, आपको इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। मेरी जिंदगी का वह सबसे खूबसूरत लम्हा था। मैंने कड़ी मेहनत की और जीवन के हादसे को अभिशाप से वरदान में बदल दिया। 

मुश्किलों का सामना करें
सुधा कहती हैं कि जिंदगी में आने वाली मुश्किलों को सपनों को पूरा होने की राह में बाधा न बनने दें। इनका डटकर सामना करें। विकलांगता के बावजूद मैंने हार नहीं मानी। मेरे हौसले कम नहीं हुए। इच्छाशक्ति के दम पर सफलता हासिल की। मुसीबतें सभी की जिंदगी में आती हैं। इसके लिए किस्मत को दोष देते रहने से कुछ नहीं होगा। इस तरह हार मानने से अच्छा है कि हालात बदलकर दूसरों के लिए प्रेरणा बनें। 

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  • Web Title:Success Tips: Steps to Achieve Your Dream