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30 अक्तूबर, 2020|12:39|IST

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Success Mantra : विजयदशमी पर आप भी अपने भीतर की इन नकारात्मकताओं पर विजय पाएं

success mantra

बुराई पर अच्छाई का पर्व है विजयदशमी। जिस तरह श्रीराम ने रावण का वध करके न्याय की स्थापना करके एक नए अध्याय की शुरुआत की थी, उसी तरह हम भी अपने भीतर की नकरात्मकताओं को खत्म करके अपने ऐसे जीवन की शुरुआत कर सकते हैं, जो सफलता की ओर जाता हो। आइए, जानते हैं आपको रावणरूपी किन बुराईयों को खत्म करना चाहिए, जो आपकी सफलता में बाधक हैं- 

 

आत्मविश्वास खोना 
आपको यह बात समझनी होगी कि सभी लोग आत्मविश्वास लेकर पैदा नहीं होते बल्कि आत्मविश्वास पाने के कई चरण हैं। कभी-कभी आप कई बार गिरते हुए अपनी गलतियों से सीखते हैं और फिर आप में आत्मविश्वास का संचार होता है। ऐसे में सबसे अहम है कि जीवन में कितने ही बुरे दिन क्यों न आ जाएं लेकिन कभी भी आत्मविश्वास न खोएं। आत्मविश्वास खोना एक ऐसी बुराई है, जिसके रहते आप जीत नहीं सकते। 

 

अपनी आलोचना या बुराई सुनकर तनाव लेना 
आप सभी के लिए अच्छे नहीं हो सकते। कुछ लोगों की आदत होती है कि आप कितना ही अच्छा प्रदर्शन क्यों न करें लेकिन वे आपकी कमियां तलाशकर आपको नीचा दिखाते रहेंगे, इसलिए कभी भी अपनी बुराई को खुद पर हावी न होने दे। 


 

कोशिश न करना 
जीवन में हारने में कोई बुराई नहीं है लेकिन जीतने का प्रयास न करना, सबसे बुरा है। ऐसे में आप जीवन में कितनी ही बार असफल क्यों न हो जाएं, लेकिन प्रयास करना न छोड़ें, इससे आपके जीतने का आसार शून्य हो जाता है। 

 

जो बीत गया, उसमें जीना 
जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है इसलिए अच्छे-बुरे दिनों के अनुभव लेते हुए आपको आगे बढ़ना चाहिए। जो व्यक्ति पुरानी बातों को लेकर वर्तमान में भी जीता रहता है, वो कभी भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता। उसकी आधी ऊर्जा भूतकाल के विचारों में ही खर्च होती जाती हैं। 
 

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  • Web Title:Success Mantra Vijayadashami Special overcome these negatives within you