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2 जून, 2020|2:48|IST

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Success Mantra : टीवी पर रामायण देखने के साथ श्रीराम के जीवन से ये 7 बातें भी सीखें, सफलता चूमेगी कदम और बनेंगे बेहतर इंसान

success mantra

कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर ‘रामायण’ का प्रसारण हो रहा है।ऐसे में रामायण को देखकर केवल मनोरंजन ही नहीं होता बल्कि इससे काफी कुछ सीखा भी जा सकता है।आज हम आपको भगवान राम के व्यक्तित्व और उनके जीवन के ऐसे गुणों के बारे में बताएंगे, जिसे जीवन में उतारकर आप सफल होने के साथ एक बेहतर इंसान भी बन सकते हैं-


सहनशील और धैर्यवान
सहनशीलता व धैर्य भगवान राम का विशेष गुण है। कैकेयी की आज्ञा से वन में 14 वर्ष बिताना, समुद्र पर सेतु बनाने के लिए तपस्या करना, सीता को त्यागने के बाद राजा होते हुए भी संन्यासी की भांति जीवन बिताना उनकी सहनशीलता की पराकाष्ठा है।


दया का भाव 
भगवान राम ने दया कर सभी को अपनी छत्रछाया में लिया। उनकी सेना में पशु, मानव व दानव सभी थे और उन्होंने सभी को आगे बढ़ने का मौका दिया। सुग्रीव को राज्य, हनुमान, जाम्बवंत व नल-नील को भी उन्होंने समय-समय पर नेतृत्व करने का अधिकार दिया।


बुरे समय में निराश न होना 
भगवान राम के जीवन में बुरा समय भी आया। उनकी माता द्वारा उनके लिए वनवास मांगना, सीता का हरण आदि ऐसी घटनाएं रही, जो किसी भी आम मनुष्य को तोड़ सकती हैं लेकिन प्रभु श्रीराम ने निराशा को खुद पर हावी नहीं होने दिया और साहस के साथ आगे बढ़ते रहे।

 
कुशल प्रबंधक या नेतृत्व क्षमता 
भगवान राम न केवल कुशल प्रबंधक थे, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने वाले थे। वे सभी को विकास का अवसर देते थे व उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते थे। उनके इसी गुण की वजह से लंका जाने के लिए उन्होंने व उनकी सेना ने पत्थरों का सेतु बना लिया था। 


कर्तव्यों का निर्वाह 
प्रभु श्रीराम ने हर एक सम्बध का महत्व समझा। उन्होंने एक मित्र, भाई और एक राजा होने के नाते अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया। उन्होंने अपने छोटे भाईयों के प्रति त्याग और समर्पण का परिचय दिया। साथ ही उन्होंने हनुमान के साथ मित्रता भी निभाई।  

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  • Web Title:Success Mantra learn these life changing things to lord rama