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सक्सेस मंत्र : खुद अपनी नकारात्मकता का शिकार होने से बचें, सही सोच दिला सकती है सफलता

success mantra

नकारात्मक विचार हर किसी को कभी न कभी जरूर परेशान करते हैं। ऐसा तो मुमकिन नहीं है कि कोई भी नेगेटिव बातों के बारे में सोचे ही नहीं। चाहे कोई कितना भी सकारात्मक सोचने वाला क्यों न हो, कभी न कभी उसके भीतर नकारात्मक सोच जरूर आती है। यह नेचुरल और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। 

अपनी इस सोच को हम दो तरह से संभाल सकते हैं। एक तरीका तो यह है कि नकारात्मकता को खुद पर हावी न होने दें। दूसरा यह है कि कोई काम करने के दौरान या उसे शुरू करने से पहले कोई बुरा विचार आ ही गया है, तो बेहतर है उस परिस्थिति की तैयारी कर ली जाए। इससे हम बाद में खड़ी होने वाली परेशानी से खुद को बचा सकते हैं। मगर हममें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो इस नेगेटिव सोच के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं। हम अपना काम खराब करने के साथ ही आसपास का माहौल भी बिगाड़ देते हैं। कई बार हमें अपनी इस सोच के बेहद घातक परिणाम भुगतने पड़ते हैं। ऐसा ही कुछ हमारी आज की इस कहानी में भी बताया गया है।

सकारात्मक और नकारात्मक सोच का हमारे ऊपर क्या असर होता, इसके लिए कई तरह के वैज्ञानिक प्रयोग किए जा चुके हैं और आगे भी होते रहेंगे। मगर अमेरिका में एक कैदी पर हुआ यह प्रयोग काफी चर्चा में रहा। इस कैदी को फांसी की सजा सुनाई गई थी। यहां के कुछ वैज्ञानिकों ने सोचा कि क्यों न इस कैदी पर प्रयोग किया जाए। जेल प्रशासन ने कैदी को बताया कि उसे फांसी देकर नहीं जहरीले सांप के जरिए मारा जाएगा। 

सजा के दिन जेल प्रशासन ने कैदी की अंतिम इच्छा पूछी और उसके बाद उसे अलग कमरे में ले जाया गया। यहां उसके सामने बड़ा सा जहरीला सांप ले आने के बाद उसकी आंखे बंद करके कुर्सी से बांधा दिया गया। मगर उसको सांप ने नहीं कटवाया गया बल्कि दो सेफ्टी पिन्स चुभाई गई। 

जेल प्रशासन और वैज्ञानिकों के आश्चर्य की कोई सीमा न रही क्योंकि, कैदी की कुछ सेकेन्ड में ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पाया गया कि कैदी के शरीर में सांप के जहर के समान ही जहर है।

अब ये जहर कहां से आया जिसने उस कैदी की जान ले ली। विशेषज्ञों ने शोध के आधार पर बताया कि वो जहर खुद उसके शरीर में ही सदमे से उत्पन्न हुआ था। हमारे हर संकल्प से पॉजिटीव एवं निगेटीव एनर्जी उत्पन्न होती है और वो हमारे शरीर में उस अनुसार हॉर्मोन्स उत्पन्न करती है। 75% बीमारियों का मूल कारण नकारात्मक सोंच से उत्पन्न ऊर्जा ही है ।

इस कहानी से हम यह सीख सकते हैं : 
परिस्थिति चाहे जैसी हो, हमें हर हाल में अपनी सोच को सकारात्मक रखना चाहिए। सही सोच से हम मुश्किल से मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति का हल निकाल सकते हैं। इसके विपरीत, हिम्मत हार कर नकारात्मक सोच हमें कहीं न पहुंचा सकती है।

इस कहानी की बात करें, तो कैदी की नकारात्मक सोच ने उसके शरीर में सांप के जहर के बराबर जहर पैदा कर दिया। मतलब उसकी जान खुद उसकी अपनी सोच ने ले ली। इसलिए खुद सकारात्मक रहें और अपने आसपास के माहौल को भी नकारात्मक न होने दें।
 

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  • Web Title:Success Mantra Keep yourself away from negative thoughts and always stay positive