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29 मई, 2020|9:07|IST

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Success Mantra : सच किया सितारों के पार झांकने का सपना, जानें युवा आईटी विश्लेषक उमेश घुडे की प्रेरणादायक कहानी

way of the success

कहते हैं, लंबा से लंबा सफर एक छोटे से कदम से ही शुरू होता है। यह एक छोटा-सा कदम कामयाबी की पहली शर्त है। लेकिन ज्यादातर लोग इसकी अहमियत नहीं समझ पाते। युवा आईटी विश्लेषक उमेश घुडे ने इसका महत्व समझा। यही वजह है कि आज उन्होंने न सिर्फ अपना सपना साकार किया है, बल्कि दूसरों के लिए भी मिसाल बन चुके हैं। उन्होंने एमेच्योर एस्ट्रोनॉमी क्लब स्थापित किया है, जो लोगों को खगोलीय पिंडों और परिघटनाओं के बारे में जानने-समझने के मौके मुहैया कराता है।


लक्ष्य का चुनाव : 26 वर्षीय उमेश की अंतरिक्ष में दिलचस्पी बचपन में ही पैदा हो गई थी। इसकी शुरुआत सोलह साल पहले उस समय हुई, जब कोलंबिया के अंतरिक्ष यान हादसे में भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला सहित यान के चालक दल के सभी सात सदस्यों की मौत हो गई। इस घटना ने उमेश के मन में खगोल विज्ञान और भौतिकी की दुनिया में दिलचस्पी को पक्का कर दिया।

 

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पहुंचने की तैयारी : महाराष्ट्र के थाणे से ताल्लुक रखने वाले उमेश ने स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद, नेहरू प्लेनेटोरियम में खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी का एक कोर्स किया। यह एक साल का सर्टिफिकेट प्रोग्राम था, जो मुंबई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर चलाया जाता था। इसके बाद वह कई स्थानों पर जाकर सितारे देखने (स्टारगेजिंग) के कुछ कार्यक्रमों में शामिल हुए।


स्पष्ट नजरिया : स्टारगेजिंग के कार्यक्रमों में उमेश ने महसूस किया कि उनमें ग्रह-नक्षत्रों के बारे में एक जैसी ही चीजें दिखाई गईं। यह नाकाफी था। तभी उनके मन में यह विचार आया कि यदि वह अपना कोई कार्यक्रम शुरू करें, जिसमें अंतरिक्ष के बारे में अधिक गहराई से अन्वेषण किया गया हो तो यह बेहतर होगा।


बनाया अपना क्लब : उमेश ने यह योजना अपने मित्रों-परिचितों से साझा की और उनके सहयोग व प्रोत्साहन से 2012 में अपना एमेच्योर एस्ट्रोनॉमी क्लब शुरू किया। एक दूरबीन, 130 मिलीमीटर सेलेस्ट्रॉन एस्ट्रोमास्टर खुद खरीदी और दूसरी 70 मिलीमीटर एस्ट्रोनॉन एक साथी से ली। इसके बाद महुदी, सरलागांव और नानेघाट जाकर स्टारगेजिंग के कार्यक्रम शुरू किए। शुरुआत में उमेश और उनकी टीम ने अपने क्लब से लोगों को जोड़ने के लिए अपनी दूरबीनें सड़क पर लगाईं और गुजर रहे राहगीरों को सितारों का नजारा दिखाया।


अब वे नियमित रूप से, महीने में दो बार रात में स्टारगेजिंग का कार्यक्रम करते हैं। उनके प्रत्येक कार्यक्रम में लगभग 50 लोग शामिल होते हैं। उनका क्लब स्कूलों और अन्य संस्थानों के लिए भी कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करता है। अब क्लब के पास पांच दूरबीनें हैं और गहरे आकाश की फोटोग्राफी के लिए एक दोहरे अक्ष वाला ट्रैकिंग मोटर व विशेष लेंस है। उनकी अपनी वेधशाला स्थापित करने और ग्रामीण आबादी तक पहुंचने की भी योजना है। उमेश अंतरिक्ष के प्रति अपने जुनून को ऐसी ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं, जिसका लाभ दूसरे लोगों को भी मिल और उससे संबंधित भ्रांतियां भी दूर हो सकें। आप जो कुछ करना चाहते हैं, उसे पूरी लगन से करें। बड़ी से बड़ी सफलता छोटे-छोटे कदमों से ही हासिल होती है।

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  • Web Title:Success Mantra inspirational story of young IT analysis umesh ghude