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श्री शिव मंदिर उमरनगर में पूरी होती है हर मन्नत

शहर के कई शिवालय प्राचीनकाल से भक्तों की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। यहां भक्त भगवान आशुतोष को प्रत्यक्ष रूप में देखते हैं। प्रतिदिन इन में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि भोलेबाबा की आराधाना से मनोकामना पूरी हो जाती हैं। 

प्राचीन श्री शिव मंदिर उमरनगर हापुड़ रोड पर करीब 150 साल पहले एक छोटा जर्जर सा कमरा था। कुछ लोगों ने उसमें भूसा भर दिया था। कुछ दिनों बाद उस भूसे को हटाया तो उसमें लगभग दो फीट ऊंचा शिवलिंग प्रकट हो गया। इस पर आसपास के लोगों की आस्था उमड़ पड़ी और उन्होंने मंदिर का निर्माण किया था। 12 वर्ष पूर्व फिर से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। मंदिर में भक्त भोलेबाबा के प्रिय भांग, धतूरा, बेलपत्र, शमी पत्र, तिल इत्यादि लेकर आराधना करते हैं। श्रावण मास में हर समय मंदिर के घंटे की आवाज गूंजती है। कांवड़िए मंदिर में विश्राम करके आगे बढ़ते हैं। पुजारी संजीव ठाकुर, संजय रस्तोगी, आलोक रस्तोगी बताते हैं मंदिर में प्रभु का साक्षात वास है। 

मेघदूत पुलिया के पास प्राचीन बाबा शिव मस्त मंदिर का शिवलिंग चमत्कारिक माना जाता है। मंदिर के कार्यों में सहयोग करने वाले अनिल अग्रवाल बताते हैं लगभग 40 साल पहले की बात है। जिस स्थान पर अब मंदिर है, कभी वह जगह खाली थी। 

आसपास के लोगों ने सुबह को अचानक शिवलिंग देखा। यह बात सबको पता चलने पर इसे प्रभु की कृपा माना गया और शिवलिंग को रखकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। मान्यता है कि नियमित दर्शन करने वालों की मनोकामना पूर्ण हो गई। इसके बाद मंदिर का निर्माण किया गया। श्रावण मास में प्रभु की महिमा का गुणगान किया जाता है। श्रद्धावान भक्त प्रतिदिन जलाभिषेक करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। 

 

 

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  • Web Title:Sri Shiva Mandir completes in Uranagar
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