Shri Ram Puja Vidhi : घर में इस विधि से करें भगवान श्री राम की पूजा, नोट कर लें संपूर्ण पूजन सामग्री की लिस्ट

दिवाकर त्रिपाठी, नई दिल्ली
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धार्मिक पुराणों के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम ने माता कौशल्या की कोख से जन्म लिया था। हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी मनाई जाती है। भगवान श्री राम का जन्म चैत्र

Shri Ram Puja Vidhi : घर में इस विधि से करें भगवान श्री राम की पूजा, नोट कर लें संपूर्ण पूजन सामग्री की लिस्ट

shri ram ji pran pratishtha : 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर संपूर्ण भारत राममय हो गया है। देश के हर  प्रमुख मंदिरों, हर दुकान, हर मकान, हर सड़क, हर रास्ते पर सिर्फ भगवान राम की भक्ती में दिखाई पड़ रही है। इस पावन दिन घर में भी भगवान राम की विशेष पूजा- अर्चना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री राम की कृपा से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।  रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के वक्त गर्भगृह में कुल 121 पुजारी उपस्थित रहेंगे। हिंदू धर्म परंपरा में प्राण प्रतिष्ठा एक पवित्र अनुष्ठान है, जो किसी मूर्ति या प्रतिमा में उस देवता या देवी का आह्वान कर उसे पवित्र या दिव्य बनाने के लिए किया जाता है। 'प्राण' शब्द का अर्थ है जीवन जबकि प्रतिष्ठा का अर्थ है 'स्थापना। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा का अर्थ है 'प्राण शक्ति की स्थापना' या 'देवता को जीवंत स्थापित करना।' आइए जानते हैं, पूजा विधि...

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पूजा विधि

  • इस पावन दिन शुभ जल्दी उठ कर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहन लें।
  • अपने घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • घर के मंदिर में देवी- देवताओं को स्नान कराने के बाद साफ स्वच्छ वस्त्र पहनाएं।
  • भगवान राम की प्रतिमा या तस्वीर पर तुलसी का पत्ता और फूल अर्पित करें।
  • भगवान को फल भी अर्पित करें।
  • अगर आप व्रत कर सकते हैं, तो इस दिन व्रत भी रखें।
  • भगवान को अपनी इच्छानुसार सात्विक चीजों का भोग लगाएं।
  • इस पावन दिन भगवान राम की आरती भी अवश्य करें।
  • आप रामचरितमानस, रामायण, श्री राम स्तुति और रामरक्षास्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं।
  • भगवान के नाम का जप करने का बहुत अधिक महत्व होता है। आप श्री राम जय राम जय जय राम या सिया राम जय राम जय जय राम का जप भी कर सकते हैं। राम नाम के जप में कोई विशेष नियम नहीं होता है, आप कहीं भी कभी भी राम नाम का जप कर सकते हैं।

पूजा सामग्री लिस्ट

  • श्री राम जी का चित्र अथवा मूर्ति
  • पुष्प
  • नारियल 
  • सुपारी
  • फल
  • लौंग
  • धूप
  • दीप
  • घी 
  • पंचामृत 
  • अक्षत
  • तुलसी दल
  • चंदन 
  • मिष्ठान

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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