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Shradha 2023: पितृ पक्ष में जरूर करना चाहिए ये काम, होगी वंश-वृद्धि, मिलेगा धन

Pitru Paksha 2023 Upay: भागवत कथा को श्राद्ध पक्ष में सुनने का अपना अलग महत्व होता है। पितृ पक्ष में भागवत कथा सुनने से पितृ दोष दूर होता है।

Shradha 2023: पितृ पक्ष में जरूर करना चाहिए ये काम, होगी वंश-वृद्धि, मिलेगा धन
Shrishti Chaubeyलाइव हिन्दुस्तान,अलीगढ़Tue, 03 Oct 2023 02:25 PM
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Pitru Paksha Ke Upay- पितृ पक्ष शुरू हो चुके हैं। इस साल लगभग 16 दिनों तक पितृ पक्ष मनाया जाएगा। हिंदू मान्यताओं में पितृपक्ष में श्राद्ध-दान काफी महत्वपूर्ण माने गए हैं। पितरों को समर्पित इन दिनों में कुछ उपाय करने से पितरों का आशीर्वाद पाने के साथ पितृ दोष भी दूर हो सकता है। वहीं, इन दिनों विशेष तौर पर पितरों को तर्पण देना चाहिए, जिससे आपके पितृ खुश रहते हैं। इसलिए अपने पूर्वजों को खुश करने और घर की सुख-समृद्धि और वंश वृद्धि के लिए पितृ पक्ष के दौरान जरूर करें भागवत कथा का पाठ। 

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कथा व्यास उज्जैन से पधारे स्वामी महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि भागवत कथा को श्राद्ध पक्ष में सुनने का अपना अलग महत्व होता है। पितृ पक्ष में भागवत कथा से पितृ दोष दूर होता है।

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महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है। कथा व्यास उज्जैन से पधारे स्वामी महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि भागवत कथा को श्राद्ध पक्ष में सुनने का अपना अलग महत्व होता है। श्राद्ध पक्ष में कथा सुनने वाले भक्त अपनों की आत्मा की शांति के लिए लाभ कमाते है। कथा के प्रथम दिवस उन्होंने धुंधकारी का प्रसंग सुनाते हुए राजा परीक्षित के जन्म एवं कलयुग के आगमन की कथा सुनाई और भगवान विष्णु अलग-अलग अवतारों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भगवान भक्तों की जीवन के हर मार्ग पर परीक्षा लेते हैं। पितृ पक्ष में हो रही कथा में महराज ने बताया कि आपने पूर्वजों और पितरों के प्रति तर्पण से वंश वृद्धि होती है। इससे परिवार में उनका आशीर्वाद खुशहाली और शांति स्थापित करता है। माता पिता और वृद्धजनों का सम्मान हमेशा करना चाहिए। कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ो की संख्या में माता बहनों ने भाग लिया।  

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