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शीतला सप्तमी 2019: माता को लगाएं ठंडी चीजों का भोग, पूरी होगी हर मनोकामना

sheetla mata

हिंदू धर्म में शीतला सप्तमी का बहुत महत्व है। हर साल यह पर्व चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इसके अगले दिन यानी अष्टमी को बासोड़ा या शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। 

सप्तमी के दिन घरों में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इनमें हलवा, पूरी, दही बड़ा, पकौड़ी, पुए रबड़ी आदि बनाया जाता है। अगले दिन सुबह महिलाएं इन चीजों का भोग शीतला माता को लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इस दिन शीतला माता समेत घर के सदस्य भी बासी भोजन ग्रहण करते हैं। इसी वजह से इसे बासौड़ा पर्व भी कहा जाता है। 

मान्यता है कि इस दिन के बाद से बासी खाना खाना उचित नहीं होता है। यह सर्दियों का मौसम खत्म होने का संकेत होता है और इसे इस मौसम का अंतिम दिन माना जाता है। इस पूजा को करने से शीतला माता प्रसन्न होती हैं और उनके आर्शीवाद से दाहज्वर, पीतज्वर, विस्फोटक, दुर्गंधयुक्त फोड़े, शीतला की फुंसियां, शीतला जनित दोष और नेत्रों के समस्त रोग दूर हो जाते हैं। 

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  • Web Title:sheetla saptami 2019 mata ko lagega thandi aru basi cheejon ka bhog