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हिंदी न्यूज़ धर्म Shattila Ekadashi 2022: षटतिला एकादशी आज, 2 घंटे 9 मिनट है पूजन का शुभ मुहूर्त, जानें टाइमिंग व व्रत नियम

Shattila Ekadashi 2022: षटतिला एकादशी आज, 2 घंटे 9 मिनट है पूजन का शुभ मुहूर्त, जानें टाइमिंग व व्रत नियम

आज षटतिला एकादशी है। इस एकादशी पर तिल का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने व तिल के पानी से स्नान व दान आदि का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, एकादशी के...

 Shattila Ekadashi 2022: षटतिला एकादशी आज, 2 घंटे 9 मिनट है पूजन का शुभ मुहूर्त, जानें टाइमिंग व व्रत नियम
Saumya Tiwariलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीFri, 28 Jan 2022 05:32 AM

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आज षटतिला एकादशी है। इस एकादशी पर तिल का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने व तिल के पानी से स्नान व दान आदि का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा व मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान श्रीहरि की कृपा से व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहती है।

षटतिला एकादशी शुभ मुहूर्त-

षटतिला एकादशी 2022 पूजन मुहूर्त 2 घंटे 9 मिनट का रहेगा। 28 जनवरी को सुबह 07 बजकर 11 मिनट से 09 बजकर 20 मिनट तक पूजन का शुभ समय है।

षटतिला एकादशी- व्रत कथा 

षटतिला व्रत का महत्व-

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान करने के बाद मिलता है, उससे कहीं ज्यादा फल एकमात्र षटतिला एकादशी का व्रत करने से प्राप्त होता है। तिल का उपयोग पूजा, हवन, प्रसाद, स्नान, स्‍नान, दान, भोजन और तर्पण में किया जाता है। तिल के दान के दान का विधान होने के कारण कारण यह षटतिला एकादशी कहलाती है।

एकादशी के दिन न करें ये काम-

1. कांसे के बर्तन में भोजन करना
2. मांस का सेवन
3. मसूर की दाल का सेवन
4. शहद का सेवन
5. दूसरे का अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। 
6. व्रत वाले दिन जुआ नहीं खेलना चाहिए।
7. इस व्रत में नमक, तेल और अन्न का सेवन वर्जित माना गया है।
8. एकादशी के दिन क्रोध का त्याग करना चाहिए।
9. एकादशी के दिन पान खाना, दातुन करना, दूसरे की निंदा करना तथा किसी की चुगली नहीं करनी चाहिए।

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